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ऑस्ट्रेलिया नहीं, भारत से जुड़ी हैं जामुन की जड़ें, रिसर्च में बड़ा खुलासा

नई दिल्ली: अब जामुन सिर्फ स्वाद नहीं, बल्कि भारत की करोड़ों साल पुरानी प्राकृतिक विरासत का प्रतीक बन गया है। नई वैज्ञानिक रिसर्च ने खुलासा किया है कि जामुन की असली जन्मस्थली भारत है और यहीं से यह दुनिया के दूसरे हिस्सों में फैला। दरअसल, पहले वैज्ञानिकों का मानना था कि जामुन की उत्पत्ति ऑस्ट्रेलिया या दक्षिण-पूर्व एशिया में हुई थी और इसका विकास करीब 5 करोड़ साल पहले शुरू हुआ लेकिन नई स्टडी ने इस धारणा को पूरी तरह बदल दिया है। आठ साल पहले शुरुआत, भारत केंद्रबिरबल साहनी इंस्टिट्यूट ऑफ पेलियोसाइंसेज समेत कई संस्थानों के वैज्ञानिकों के नेतृत्व में हुई इस रिसर्च के मुताबिक जामुन का विकास करीब 8 करोड़ साल पहले शुरू हुआ और भारत इसका प्रमुख केंद्र रहा। वैज्ञानिकों ने हिमाचल प्रदेश के कसौली इलाके में लगभग 2 करोड़ साल पुराने जामुन के पत्तों के जीवाश्म खोजे। इन जीवाश्मों की बनावट, आकार और नसों के पैटर्न का बारीकी से अध्ययन किया गया और आधुनिक पौधों से तुलना की गई।

भारत में 5.5 करोड़ साल पहले भी था मौजूद

इसके साथ ही 6 करोड़ से 2 करोड़ साल पुराने पुराने जीवाश्म रिकॉर्ड का भी दोबारा विश्लेषण किया गया। नतीजों से पता चला कि जामुन भारत में कम से कम 5.5 करोड़ साल पहले से मौजूद था और यहीं से धीरे-धीरे दक्षिण पूर्व एशिया और ऑस्ट्रेलिया तक फैला।

इस रिसर्च का फायदा क्या होगा, जानिए

यह शोध जर्नल ऑफ पेलियोजियोग्राफी में प्रकाशित हुआ है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह खोज सिर्फ एक फल की कहानी नहीं, बल्कि धरती के बदलते मौसम, वनस्पतियों और जैव विविधता के विकास को समझने में भी अहम भूमिका निभाएगी।

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