अध्यात्ममध्य प्रदेश

मातेश्वरी जगदंबा सरस्वती जी (मम्मा) ने इस जगत में जगाई आध्यात्म जागृति की अलख : बीके डॉ. रीना दीदी

ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान की प्रथम मुख्य प्रशासिका मातेश्वरी जगदंबा सरस्वती जी (मम्मा) की 61वीं पुण्य स्मृति आध्यात्मिक ज्ञान दिवस के रूप में मनाया गया

भोपाल, 24 जून
ब्रह्माकुमारीज़ ब्लेसिंग हाउस, भोपाल ।

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय ब्लेसिंग हाउस द्वारा संस्थान की प्रथम मुख्य प्रशासिका, ज्ञान और ममता की साकार प्रतिमूर्ति मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती (मम्मा) की 61वीं पुण्य स्मृति में “आध्यात्मिक ज्ञान दिवस” श्रद्धा, सम्मान एवं आध्यात्मिकता से परिपूर्ण वातावरण में गरिमापूर्ण मनाया गया।

कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्ज्वलित कर परमपिता शिव भगवान की स्मृति एवं ज्ञान मुरली सुनकर तथा योग-साधना से हुआ। ब्रह्माकुमारीज़ सेवाकेंद्र प्रभारी बीके डॉ. रीना दीदी ने मम्मा के आध्यात्मिक जीवन में प्रकाश डालते हुए कहा कि मम्मा का दिव्य जीवन, त्याग, तपस्या, आज्ञाकारिता, पवित्रता, मधुरता एवं यज्ञ के प्रति उनका अद्वितीय समर्पण था। मातेश्वरी जगदंबा सरस्वती जी (मम्मा) ने इस जगत में आध्यात्म जागृति की अलख जगाई है। मम्मा का सम्पूर्ण जीवन “हाँ जी शिवबाबा” के श्रेष्ठ संकल्प का जीवंत उदाहरण था। मम्मा हमेशा कहतीं थीं ‘हर घड़ी अंतिम घड़ी है’, मम्मा ने अपने गुणों और व्यवहार से असंख्य आत्माओं के जीवन में आशा, शक्ति और आत्मविश्वास का संचार किया। दीदी ने बताया कि मम्मा ने हर परिस्थिति में अचल अडोल रहकर ईश्वरीय मर्यादाओं का पालन किया तथा मातृत्व भाव से सम्पूर्ण मानवता को आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग दिखाया। मम्मा का जीवन आज भी हम सभी को श्रेष्ठ पुरुषार्थ, निश्चयबुद्धि और सेवा-भाव की प्रेरणा देता है।

दीदी ने उपस्थित सभी भाई-बहनों को मम्मा के पदचिन्हों पर चलते हुए अपने जीवन में पवित्रता, नम्रता, सहनशीलता और सेवा आदि की श्रेष्ठ भावना को अपनाने का संकल्प लिया। अंत में सभी ने मम्मा को श्रद्धासुमन, पुष्प अर्पित करते हुए विश्व शांति एवं मानव कल्याण के लिए सामूहिक राजयोग का अभ्यास किया।

दीदी ने उपस्थित जनसमूह से एक स्वर में बोलने को कहा कि मम्मा केवल एक व्यक्तित्व नहीं, बल्कि मातृत्व, आध्यात्मिक शक्ति और दिव्य संस्कारों की ऐसी ज्योति हैं, जिनका प्रकाश युगों तक मानवता का मार्गदर्शन करता रहेगा।
उपस्थित कई भाई बहनों ने भी आज के आध्यात्मिक ज्ञान दिवस पर अपने-अपने विचार साझा करते हुए स्वयं को आध्यात्मिक बनाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में *बीके रावेंद्र भाई* ने मम्मा के दिव्य जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मम्मा का संपूर्ण जीवन यज्ञ के प्रति पूर्ण समर्पण का अद्भुत उदाहरण था। आगे बताया कि मम्मा ने किसी भी परिस्थिति में न घबराकर बल्कि परिस्थितियों का निराकरण करने में कार्य करती थी। आगे कहा कि मम्मा केवल ब्रह्माकुमारी संस्थान की प्रथम मुख्य प्रशासिका ही नहीं थीं, बल्कि वे संपूर्ण संसार की मनुष्य आत्मा के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।

इस अवसर पर उपस्थित भाई-बहनों ने मम्मा के महावाक्यों का श्रवण किया, राजयोग के माध्यम से उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उनके दिव्य गुणों को अपने जीवन में धारण करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का वातावरण ईश्वरीय स्मृति, श्रद्धा और आध्यात्मिक अनुभूतियों से ओत-प्रोत रहा।

कार्यक्रम में बीके मंजू दीदी, बीके कुंती दीदी, बीके द्वारिका, बी के रिचा, बीके श्री, बीके सिद्धि, बीके सुनीता, बीके डॉ ज्योति, बीके शांतनु भाई, बीके सुरेश भाई, बीके घनश्याम भाई, बीके गौतम, बीके राम, बीके सतीश, बीके निबिन एवं कई भाई बहनें उपस्थित थे।

अंत में विश्व शांति एवं जगत कल्याण की भावना के साथ सामूहिक राजयोग अभ्यास कराया गया तथा सभी को ब्रह्मा भोजन स्वीकार कराया गया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button