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राम मंदिर: ट्रस्ट के आय-व्यय और संपत्तियों का मांगा ब्योरा, प्रशासन बोला- कोई सूचना उपलब्ध कराना संभव नहीं

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की स्थापना से अब तक की आय-व्यय, दानराशि, बैंक खातों, भूमि खरीद-बिक्री और अन्य संपत्तियों का पूरा विवरण सार्वजनिक किए जाने की मांग को लेकर दर्ज शिकायत पर जिला प्रशासन ने जवाब दिया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में मामले की जांच एसआईटी की ओर से की जा रही है, इसलिए इस स्तर पर ट्रस्ट से कोई सूचना उपलब्ध कराना संभव नहीं है।

संपत्तियों का विवरण सार्वजनिक करने की मांग

इसको लेकर एक पत्र भी वायरल हो रहा है। पत्र के अनुसार, भाजपा के पूर्व मीडिया प्रभारी डॉ. रजनीश सिंह की ओर 12 जून को प्रधानमंत्री को संबोधित एक ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसकी संदर्भ संख्या 60000260154331 है। शिकायत में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के गठन से लेकर अब तक की समस्त वित्तीय गतिविधियों और संपत्तियों का विवरण सार्वजनिक करने की मांग की गई थी।

कोई सूचना उपलब्ध कराना संभव नहीं

शिकायत के निस्तारण के क्रम में प्रशासन ने ट्रस्ट के सचिव से संपर्क कर आवश्यक सूचना उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। इसके जवाब में ट्रस्ट की ओर से बताया गया कि वर्तमान समय में एसआईटी जांच चल रही है और संबंधित सभी सूचनाओं का संकलन जांच एजेंसी की ओर से किया जा रहा है। ऐसे में ट्रस्ट स्तर से अलग से कोई सूचना उपलब्ध कराना संभव नहीं है।

अपर जिलाधिकारी ने कही ये बात 

अपर जिलाधिकारी (कानून व्यवस्था) इंद्रकांत द्विवेदी ने कहा कि आईजीआरएस के निस्तारण में राम मंदिर ट्रस्ट से जानकारी मांगी गई थी, लेकिन एसआईटी जांच के चलते ट्रस्ट ने अभी तक जानकारी उपलब्ध नहीं कराई है। राम मंदिर ट्रस्ट से सूचना मांगने का अधिकार भी उनके पास नहीं है।हिंदू महासभा ने ट्रस्ट भंग कर गिरफ्तारी मांगी

रामलला मंदिर में दान चोरी के मामले पर अखिल भारत हिंदू महासभा ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भंग करने की मांग की है। महासभा ने ट्रस्ट के सभी पदाधिकारियों की गिरफ्तारी की भी मांग की है। राष्ट्रीय अध्यक्ष रवींद्र कुमार द्विवेदी ने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार के लिए उन्हें ट्रस्ट में शामिल नहीं किया गया।

राष्ट्रीय मंत्री राकेश दत्त मिश्र ने कहा कि हिंदू महासभा ने 70 वर्षों तक राम जन्मभूमि का न्यायिक वाद लड़ा। इसके बावजूद उसे ट्रस्ट में प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया। मिश्र ने आशंका जताई कि जांच में बड़ी मछलियों को बचाने और छोटी मछलियों को फंसाने का बड़ा खेल हो सकता है।

उन्होंने ट्रस्ट के पुनर्गठन और सीबीआई जांच की मांग की। मिश्र ने कहा कि ट्रस्ट में हिंदू महासभा, निर्मोही अखाड़ा और अयोध्या के धर्माचार्यों को शामिल किया जाए। उत्तर प्रदेश अध्यक्ष मनोज शर्मा ने वास्तविक चोरों को बचाने पर आंदोलन की चेतावनी दी।

केजरीवाल के अयोध्या दौरे का विरोध

आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल के 26 जून को प्रस्तावित अयोध्या दौरे का विरोध शुरू हो गया है। सनातन रक्षक संघ ने क्षेत्राधिकारी अयोध्या के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपकर उनके आगमन पर आपत्ति जताई है।सनातन रक्षक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकुंद माधव त्रिपाठी ने कहा कि केजरीवाल का दौरा केवल राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित है। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर चंदा प्रकरण पर एसआईटी की रिपोर्ट अभी लंबित है। अयोध्या आस्था का केंद्र है।

इसे राजनीतिक मंच के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि केजरीवाल अयोध्या आते हैं, तो वे लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करेंगे। ज्ञापन में ऐसे लोगों के आगमन पर आपत्ति जताई गई जिन पर राम मंदिर के प्रति नकारात्मक रुख के आरोप हैं। इस दौरान तीर्थ पुरोहित समाज के अध्यक्ष राजेश महाराज और प्रदीप महाराज सहित कई संत उपस्थित थे।

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