प्रथम अखिल भारतीय आदिवासी साहित्यिक महोत्सव–2026 आज
साहित्य, संस्कृति और अस्मिता को मिलेगा राष्ट्रीय मंच- शरद कुमरे

भोपाल, 27 जून 2026। पराक्रम जनसेवी संस्थान एवं GIVEN के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होने वाले प्रथम अखिल भारतीय आदिवासी साहित्यिक महोत्सव–2026 के संबंध में आज भोपाल स्थित अजाक्स भवन में पत्रकार वार्ता आयोजित की गई। संस्थान के अध्यक्ष एवं संस्थापक शरद सिंह कुमरे ने बताया कि इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य देशभर के आदिवासी साहित्यकारों, कवियों, लेखकों, शोधकर्ताओं, कलाकारों एवं बुद्धिजीवियों को एक साझा राष्ट्रीय मंच प्रदान करना है, जहाँ आदिवासी समाज की समृद्ध साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं बौद्धिक परंपराओं का संरक्षण, संवर्धन और व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा सके।
उन्होंने कहा कि आदिवासी साहित्य केवल रचनात्मक अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि प्रकृति, संस्कृति, इतिहास, परंपरा और सामाजिक चेतना का जीवंत दस्तावेज है। महोत्सव के माध्यम से नई पीढ़ी को आदिवासी विरासत से जोड़ने, युवा रचनाकारों को प्रोत्साहित करने तथा विभिन्न जनजातीय भाषाओं एवं लोक साहित्य को राष्ट्रीय पहचान दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
महोत्सव का उद्देश्य आदिवासी समाज की सकारात्मक पहचान को सशक्त बनाना, शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता, महिला सशक्तिकरण तथा सांस्कृतिक संरक्षण जैसे विषयों पर सार्थक विमर्श को बढ़ावा देना भी है। आयोजन में देश के विभिन्न राज्यों से प्रतिष्ठित साहित्यकार, शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता एवं सांस्कृतिक प्रतिनिधि भाग लेंगे।
इस अवसर पर आयोजन समिति ने बताया कि महोत्सव में साहित्यिक गोष्ठियाँ, कविता पाठ, पुस्तक विमोचन, सम्मान समारोह, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, विचार-विमर्श एवं विभिन्न विषयों पर संवाद आयोजित किए जाएंगे।
संस्थान ने प्रदेश एवं देशभर के साहित्यकारों, सामाजिक संगठनों, शिक्षाविदों, मीडिया प्रतिनिधियों एवं जनसामान्य से इस ऐतिहासिक आयोजन में सहभागिता एवं सहयोग का आग्रह किया है, ताकि आदिवासी साहित्य और संस्कृति को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिल सके।



