भारतीय योग संसद ने गठित की 10 योग संसदीय समितियाँ योग को राष्ट्रीय आंदोलन बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम






भोपाल — भारतीय योग संसद के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. विनीत तिवारी ने 10 योग संसदीय समितियों का गठन कर योग आंदोलन को नई दिशा और व्यवस्थित स्वरूप प्रदान किया है।
गठित योग संसदीय समितियाँ एवं उनके सभापति निम्नानुसार हैं
1. अनुशासन एवं संवैधानिक समिति
सभापति — डॉ. विनीत तिवारी
2. शिक्षा, अनुसंधान, खेल एवं युवा कल्याण समिति
सभापति— डॉ. विनीत तिवारी
3. वित्त एवं संसाधन समिति
सभापति — श्री मधुसूदन मेहता
4. विदेशी मामलों एवं अंतर्राष्ट्रीय संबंध समिति
सभापति — डॉ. विनीत तिवारी
5. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण समिति
सभापति — डॉ. प्रगति सेठ
6. महिला एवं बाल विकास समिति
सभापति — योगाचार्य अमृता नामदेव
7. रोजगार एवं कौशल विकास समिति
सभापति— योगाचार्य संजय सोलंकी
8. मानव चेतना समिति
सभापति — डॉ. श्याम सिंह
9. प्रचार एवं मीडिया समिति
सभापति— योगाचार्य सोनल भारद्वाज
10.राष्ट्रीय योग नीति निर्माण समिति
डॉ. विनीत तिवारी ने योग संसदीय समितियां की घोषणा करते हुए कहा कि , भारतीय योग संसद के माध्यम से हम योग को मात्र जीवन दर्शन के रूप में नहीं, बल्कि राष्ट्रीय योग आंदोलन के रूप में स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। इन योग संसदीय समितियों का गठन राष्ट्रीय योग नीति निर्माण, शिक्षा, अनुसंधान, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, युवा कल्याण, रोजगार एवं कौशल विकास तथा अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने का एक व्यवस्थित और प्रभावी प्रयास है।
यह गठन योग को सशक्त, सुव्यवस्थित और राष्ट्रव्यापी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।
उक्त जानकारी भारतीय योग संसद की
मुख्य सचेतक अमृता नामदेव ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में दी , साथ ही उन्होंने बताया कि इन योग संसदीय समितियों के सदस्यों की घोषणा शीघ्र की जाएगी, प्रत्येक योग संसदीय समिति में कम से कम 5 योग सांसदों का चयन किया जाएगा । राष्ट्रीय योग नीति निर्माण समिति के सभापति की घोषणा बाद में की जाएगी ।


