खबरमध्य प्रदेश

सेफ क्लिक हैकाथॉन 2.0 में एसजीएसयू के विद्यार्थियों का शानदार प्रदर्शन

साइबर सुरक्षा नवाचार प्रतियोगिता में टीम ऑब्सीडियन ने जीता द्वितीय रनर-अप पुरस्कार

भोपाल। स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी (एसजीएसयू) के विद्यार्थियों ने एक बार फिर नवाचार, तकनीकी दक्षता और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विश्वविद्यालय का गौरव बढ़ाया है। मध्यप्रदेश पुलिस (रायसेन पुलिस) द्वारा सेफ क्लिक के अंतर्गत रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय (आरएनटीयू), भोपाल के सहयोग से आयोजित “सेफ क्लिक हैकाथॉन 2.0” में एसजीएसयू के विद्यार्थियों ने साइबर सुरक्षा से जुड़ी वास्तविक चुनौतियों के अभिनव समाधान प्रस्तुत किए।

प्रतियोगिता में एसजीएसयू की टीम ऑब्सीडियन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए द्वितीय रनर-अप का स्थान प्राप्त किया। टीम में प्रियांशु कुशवाहा (बीसीए – साइबर सिक्योरिटी), ईशान चौधरी (बीसीए – फुल स्टैक) एवं यश प्रताप कुशवाहा (बीसीए – फुल स्टैक) शामिल थे। टीम ने अपनी तकनीकी समझ, नवाचारपूर्ण सोच और उत्कृष्ट प्रस्तुति से निर्णायकों को प्रभावित किया।

इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय की दूसरी टीम ने भी प्रतियोगिता में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। इस टीम में लक्ष्य श्रीवास्तव (बी.टेक. सीएसई, तृतीय वर्ष), कार्तिक नायर, मुस्कान लाड़े (बीसीए साइबर सिक्योरिटी, द्वितीय वर्ष), श्रद्धा आंजने (बीसीए साइबर सिक्योरिटी, द्वितीय वर्ष) एवं तुलसी बरपेटिया (बीसीए एआई एवं मशीन लर्निंग, प्रथम वर्ष) शामिल रहे। विद्यार्थियों ने साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में नवीन विचारों और व्यावहारिक समाधानों के माध्यम से अपनी तकनीकी क्षमता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।

इस अवसर पर स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा, “आज साइबर सुरक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे उभरते क्षेत्रों में व्यावहारिक अनुभव और नवाचार की सोच अत्यंत महत्वपूर्ण है। हैकाथॉन जैसे मंच विद्यार्थियों को वास्तविक समस्याओं पर कार्य करने, टीमवर्क विकसित करने और उद्योग की अपेक्षाओं के अनुरूप कौशल अर्जित करने का अवसर प्रदान करते हैं। हमें गर्व है कि हमारे विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा और तकनीकी दक्षता से विश्वविद्यालय का नाम रोशन किया है।”

कुलगुरु डॉ. विजय सिंह ने कहा, “स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी उद्योग-उन्मुख और कौशल-आधारित शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार कर रही है। इस प्रकार की राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों की सफलता उनके ज्ञान, मेहनत और विश्वविद्यालय की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का प्रमाण है।”

कुलसचिव डॉ. सितेश कुमार सिन्हा ने कहा, “विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल अकादमिक ज्ञान तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उन्हें नवाचार, अनुसंधान और व्यावहारिक समस्या-समाधान की दिशा में प्रेरित करना है। ऐसी प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, तकनीकी दक्षता और नेतृत्व क्षमता का विकास करती हैं तथा उन्हें भविष्य के सफल साइबर सुरक्षा पेशेवर बनने के लिए तैयार करती हैं।”

 

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