हरदा जिले के खिरकिया विकासखंड के ग्राम देवपुर में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक आदिवासी परिवार के देवर और भाभी के बैंक खातों में अचानक अरबों रुपये की राशि दिखाई देने से गांव में चर्चा का माहौल है। परिवार का दावा है कि वे वृद्धावस्था पेंशन और तेंदूपत्ता मजदूरी की राशि निकालने कियोस्क सेंटर पहुंचे थे। इसी दौरान खाते की जांच में करीब 7 अरब 40 करोड़ 68 लाख 72 हजार 895 रुपये की राशि दर्ज दिखाई दी।
जानकारी के अनुसार, ग्राम देवपुर निवासी आदिवासी बुजुर्ग गुलाब सिंह ठाकुर और उनकी भाभी अपने बैंक खातों से पेंशन और मजदूरी की राशि निकालने पहुंचे थे। कियोस्क संचालक ने खाते में दर्ज असामान्य राशि की जानकारी दी, जिसे सुनकर दोनों हैरान रह गए। देखते ही देखते यह खबर पूरे गांव में फैल गई और लोग इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं करने लगे।
खाताधारकों का कहना है कि उन्हें इस ट्रांजैक्शन की कोई जानकारी नहीं है। परिवार ने बताया कि उनके पास अपनी कृषि भूमि तक नहीं है। वे डूब क्षेत्र से विस्थापित होकर यहां रह रहे हैं और मजदूरी तथा सरकारी योजनाओं से मिलने वाली सहायता पर जीवनयापन करते हैं। ऐसे में खातों में अरबों रुपये की एंट्री उनके लिए भी पूरी तरह रहस्य बनी हुई है।
मामले को लेकर बैंक अधिकारियों का कहना है कि पासबुक और ट्रांजैक्शन की जांच की जाएगी। शुरुआती तौर पर यह स्पष्ट नहीं है कि यह तकनीकी गड़बड़ी है, किसी वित्तीय लेन-देन की त्रुटि या कोई अन्य कारण। फिलहाल बैंक मामले की जांच में जुट गया है।