अतिथि शिक्षक भर्ती में नियमित अध्ययन करने वाले अभ्यर्थियों को मिले वरीयता – जगदीश यादव
राज्य शिक्षक संघ, मध्यप्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश यादव ने मुख्यमंत्री, स्कूल शिक्षा मंत्री, जनजातीय कार्य मंत्री, स्कूल शिक्षा आयुक्त एवं जनजातीय कार्य विभाग के आयुक्त को ज्ञापन भेजकर अतिथि शिक्षक चयन प्रक्रिया में नियमित (Regular) अध्ययन करने वाले अभ्यर्थियों को वरीयता देने की मांग की है।उन्होंने कहा कि वर्तमान चयन प्रक्रिया में डिस्टेंस (Distance/Open) माध्यम से स्नातक एवं स्नातकोत्तर करने वाले अनेक अभ्यर्थियों को अत्यधिक अंक प्राप्त होने के कारण उनका स्कोर नियमित महाविद्यालयों से अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों से अधिक बन रहा है।इससे नियमित रूप से अध्ययन करने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के साथ प्रतिस्पर्धा में असंतुलन उत्पन्न हो रहा है।श्री यादव ने कहा कि नियमित अध्ययन में विद्यार्थियों को वर्षों तक कक्षाओं में उपस्थिति, प्रायोगिक कार्य, आंतरिक मूल्यांकन तथा अनुशासित शैक्षणिक वातावरण से गुजरना पड़ता है। ऐसे में उनके परिश्रम का उचित मूल्यांकन चयन प्रक्रिया में दिखाई देना चाहिए।
उन्होंने मांग की कि नियमित स्नातक करने वाले अभ्यर्थियों को अधिकतम 15 बोनस अंक तथा नियमित स्नातकोत्तर करने वालों को 10 अतिरिक्त बोनस अंक प्रदान किए जाएँ। साथ ही नियमित एवं डिस्टेंस शिक्षा के मूल्यांकन के लिए विशेषज्ञ समिति गठित कर स्कोर कार्ड में आवश्यक संशोधन किए जाएँ।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मांग किसी शिक्षा पद्धति के विरोध में नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षकों के चयन तथा नियमित अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों के हितों की रक्षा के उद्देश्य से की जा रही है। राज्य शिक्षक संघ ने सरकार से इस विषय पर शीघ्र नीति-निर्णय लेने का आग्रह किया है।


