अधिकारी कर्मचारी एवं पेशनर संयुक्त मोर्चे की बैठक संपन्न बनी आंदोलन की रणनीति*

मध्य प्रदेश अधिकारी कर्मचारी एवं पेंशनर्स संयुक्त मोर्चे की एक संयुक्त बैठक दिनांक 23 अगस्त को अजाक्स भवन के कार्यालय मे संपन्न हुई, बैठक में 25 से अधिक संगठनों ने भाग लिया। बैठक में उपस्थित विभिन्न संगठनों के प्रांताध्यक्षों ने अपने-अपने विचार रखते हुए कहा कि सरकार कर्मचारियों की समस्याओं को अनदेखा कर रही है और मंत्रालय में बैठे अधिकारी मांगों पर किसी प्रकार की चर्चा नहीं कर रहे हैं, जिसके कारण प्रदेश के अधिकारियों कर्मचारियों एवं पेंशनरों में भारी असंतोष व्याप्त है। बैठक में मुख्य रूप से शिक्षकों की टेट परीक्षा, सी पी सी टी परीक्षा, अनुकंपा नियुक्त कर्मचारियों की सेवा से बर्खास्त करने, मंत्रालय के समान समय मान वेतनमान देने, संविदा कर्मचारियों को नियमित करने, आउटसोर्स कर्मचारीयों का वेतन विभाग से भुगतान करने, नगर निगम नगर पालिका के कर्मचारी, स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग, शिक्षा विभाग, पुलिस विभाग, कार्यभारित कर्मचारी, स्थाई कर्मियों, आदि दो दर्जन से अधिक मांगों पर विचार विमर्श किया गया। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया है, कि संयुक्त रूप से मांग पत्र तैयार किया जाकर, मुख्यमंत्री , कर्मचारी कल्याण समिति के अध्यक्ष रमेश चन्द्र शर्मा से और मान. मुख्य सचिव महोदय को लंबित मांगों पर चर्चा के लिए समय मांगा जाए। मान. मुख्य मंत्री और मुख्य सचिव महोदय द्वारा लंबित मांगों पर चर्चा करने के लिए मोर्चे के प्रतिनिधि मंडल को नहीं बुलाते हैं, तो प्रदेश व्यापी चरणबद्ध आंदोलन प्रारंभ किया जाए। इसके साथ ही प्रदेश के सभी संभागीय मुख्यालय में मोर्चे के पदाधिकारी जाकर बैठक लेंगे तथा पत्रकार वार्ता का आयोजन करेंगे इसके पश्चात मांगों के समर्थन में सरकार को हड़ताल का नोटिस दिया जाकर चरण बंद आंदोलन की घोषणा की जाए। बैठक की अध्यक्षता संयुक्त मोर्चे के अध्यक्ष एमपी द्विवेदी ने किया तथा आभार प्रदर्शन मुकेश मौर्य प्रांताध्यक्ष आजाक्स संघ ने किया। बैठक में मुख्य रूप से एस बी सिंह, महेंद्र शर्मा, विजय मिश्रा, सतीश शर्मा,सुभाष शर्मा, अजय श्रीवास्तव, चंद्रशेखर परसाई, सुभाष वर्मा, रमेश राठौर, अनिल बाजपेयी, आर. के.नामदेव, विमलेश रजक, मुकेश मौर्य, विनोद विश्वकर्मा, डॉक्टर प्रवीण तामोट, संजय दुबे, अरुण शर्मा, राम कुंदन सेन, महावीर प्रसाद शर्मा, सुरेंद्र सिंह सोलंकी, विजय रैकवार, सुधीर नेमा, सुभाष शर्मा, एलएन कैलासिया, राजकुमार चंदेल एस. राजोरिया, गजेंद्र राजोरिया, दीपेश झा, उपेंद्र कौशल, महेंद्र खालिया, मुकेश बघेल, राकेश नायक, राकेश दुबे, जगदीश यादव, फुलेंद्र सिंह, शालिग्राम चौधरी, आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।



