उत्तर प्रदेश के मुरादनगर स्थित कन्नौजा गांव में रविवार को एक बेहद मामूली सी बात ने भयानक खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। बातचीत के दौरान नाम के साथ ‘भाई’ न बोलने को लेकर दो पक्षों के बीच शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि इसमें जमकर लाठी-डंडे और धारदार हथियार चले। इस हिंसक झड़प में 57 वर्षीय देवेंद्र शर्मा की जान चली गई, जबकि आधा दर्जन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
मामूली विवाद से शुरू हुई खूनी जंग
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कन्नौजा गांव में रविवार को किसी व्यक्ति के नाम के आगे ‘भाई’ न लगाने के मुद्दे पर दो गुटों में कहासुनी शुरू हो गई थी। देखते ही देखते यह बहस इतनी हिंसक हो गई कि दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर दोनों ओर से लाठी-डंडे, चाकू और तलवारें निकल आईं और लोगों ने एक-दूसरे पर जानलेवा हमला कर दिया। इस अचानक हुए खूनी संघर्ष से पूरे गांव में दहशत का माहौल बन गया और भगदड़ मच गई।
एक की मौत, अन्य का इलाज जारी
इस भीषण मारपीट में देवेंद्र शर्मा (57) सहित करीब छह लोग बुरी तरह घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस भारी बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंची और हालात को काबू में किया। पुलिस ने सभी घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में इलाज के दौरान गंभीर रूप से घायल देवेंद्र शर्मा ने दम तोड़ दिया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अन्य सभी घायलों का फिलहाल अस्पताल में इलाज चल रहा है।
