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स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी ने शुरू किए NSDC Tech Labs, वैश्विक रोजगार के लिए ग्लोबल सर्टिफिकेशन प्रदान करने का लक्ष्य

वर्ष 2025-26 में 17 प्रमुख टेक्नोलॉजी कंपनियों के सहयोग से 1,002 विद्यार्थियों ने प्राप्त किया ग्लोबल सर्टिफिकेशन; अब नए बैच के लिए शुरू होगी पहल का दूसरा चरण”

भोपाल। स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी (SGSU), भोपाल ने विद्यार्थियों को उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल प्रदान करने और उनकी वैश्विक रोजगार क्षमता (Global Employability) को बढ़ाने के उद्देश्य से अपनी ग्लोबल सर्टिफिकेशन पहल का विस्तार किया है। इस पहल का दूसरा चरण राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) और Ethnotech Academy के सहयोग से NSDC Tech Labs – Phase II के रूप में शुरू किया जा रहा है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 में विश्वविद्यालय का लक्ष्य सभी स्नातक (UG) एवं स्नातकोत्तर (PG) पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को ग्लोबल सर्टिफिकेशन प्राप्त करने के अवसर उपलब्ध कराना है।

‘उद्योग के लिए, उद्योग द्वारा’ (For the Industry, By the Industry) के मूल मंत्र पर आधारित इस पहल का उद्देश्य उच्च शिक्षा और उद्योग जगत की आवश्यकताओं के बीच की खाई को कम करना है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय परिसर में ही उद्योग विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही उन्हें अपने अकादमिक पाठ्यक्रमों के अनुरूप उद्योग-आधारित सर्टिफिकेशन कोर्स करने का अवसर मिलेगा, जिससे वे सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक कौशल और तकनीकी दक्षता भी विकसित कर सकेंगे।

इस पहल के अंतर्गत माइक्रोसॉफ्ट, इंटेल, आईबीएम, सिस्को नेटवर्किंग अकादमी, एडब्ल्यूएस अकादमी, ऑटोडेस्क, यूनिटी टेक्नोलॉजीज़, मैथवर्क्स, पियरसन वीयूई–इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी स्पेशलिस्ट (आईटीएस), टैली सॉल्यूशंस, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट (पीएमआई), नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सिक्योरिटीज मार्केट्स (एनआईएसएम) तथा एथनोटेक एकेडमी सहित विभिन्न संस्थाओं के प्रमाणन पाठ्यक्रम शामिल रहे।

पहल के पहले चरण (Phase I) के अंतर्गत सूचना प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग, कॉमर्स एवं बैंकिंग, स्कूल ऑफ डिजाइन एंड मर्चेंडाइज तथा बैचलर ऑफ एजुकेशन सहित विभिन्न संकायों के विद्यार्थियों को ग्लोबल सर्टिफिकेशन आधारित प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों ने Python, HTML, CSS, JavaScript, Machine Learning, Microsoft Excel, Power

Platform, PowerPoint और Unity Programming जैसे विषयों में प्रशिक्षण प्राप्त किया। शैक्षणिक सत्र 2025-26 में विश्वविद्यालय ने 18 प्रशिक्षण बैचों के माध्यम से 17 प्रमुख वैश्विक टेक्नोलॉजी कंपनियों एवं सर्टिफिकेशन प्रदाताओं के कोर्स के अंतर्गत कुल 1,002 विद्यार्थियों को सर्टिफिकेशन दिलाने में सफलता प्राप्त की। इस पहल के तहत सर्टिफिकेशन कोर्स को नियमित अकादमिक पाठ्यक्रमों से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया, ताकि विद्यार्थियों को तकनीकी दक्षता के साथ व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त हो सके।

फेज-II में उभरती तकनीकों पर रहेगा विशेष फोकस

पहले चरण की सफलता के आधार पर पहल के दूसरे चरण में प्रशिक्षण और सर्टिफिकेशन के अवसरों का विस्तार किया जाएगा। इसमें Artificial Intelligence, Machine Learning, Programming, Cloud Computing, Cybersecurity, Data Analytics, Business Applications और Design जैसे उभरते तकनीकी क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को तेजी से बदलती तकनीकी दुनिया और उद्योगों की भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना है।

स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी के चांसलर डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने कहा , “आज के प्रतिस्पर्धात्मक दौर में विद्यार्थियों को केवल अकादमिक ज्ञान देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप व्यावहारिक कौशल और तकनीकी दक्षता प्रदान करना भी आवश्यक है। NSDC Tech Labs इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। पहले चरण में 1,002 विद्यार्थियों को सर्टिफिकेशन प्राप्त होना इस पहल की सफलता और उपयोगिता को दर्शाता है। हमारा उद्देश्य विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर पर बेहतर रोजगार के अवसरों के लिए तैयार करना है।”

स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. विजय सिंह ने कहा , “यह पहल विद्यार्थियों को उनके अकादमिक ज्ञान को व्यावहारिक कौशल से जोड़ने का अवसर प्रदान करती है। दूसरे चरण में हमारा लक्ष्य इस पहल का विस्तार करते हुए 1,000 से अधिक विद्यार्थियों तक प्रशिक्षण और सर्टिफिकेशन के अवसर पहुंचाना है। इससे विद्यार्थी बदलती औद्योगिक और तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप अपनी दक्षताओं का विकास कर सकेंगे।”

स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ. सितेश कुमार सिन्हा ने कहा , “पहले चरण में 18 प्रशिक्षण बैचों के माध्यम से 1,002 विद्यार्थियों को सर्टिफिकेशन प्रदान करना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। दूसरे चरण में हमारा विशेष ध्यान अधिक से अधिक विद्यार्थियों तक गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और वैश्विक सर्टिफिकेशन के अवसर पहुंचाने पर रहेगा। इससे विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता, तकनीकी दक्षता और व्यावसायिक क्षमताओं को और मजबूती मिलेगी।”

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