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भूले-बिसरे स्वदेशी खेलों को मिलेगी नई पहचान: मध्यप्रदेश में स्टेट बॉडी गठित , भोपाल संभाग में तीन दिवसीय देशी खेल महोत्सव का समापन

बच्चों को मोबाइल की लत से दूर रखने में सहायक होंगे स्वदेशी खेल

भोपाल, 1 नवंबर 2026। अखिल भारतीय स्वदेशी खेल एसोसिएशन (ABSKA) और एक्टिव फ्रेंड्स ऑफ भोपाल के संयुक्त तत्वावधान में भोपाल संभाग के रायसेन जिले के मंडीदीप स्थित लिटिल स्कॉलर पब्लिक स्कूल में 30 अक्टूबर से 1 नवंबर तक तीन दिवसीय *स्वदेशी एवं भूले-बिसरे खेल महोत्सव* का भव्य आयोजन किया गया।
महोत्सव में रस्सी कूद, तिगड़ी, लट्टू, नींबू-चम्मच दौड़, बोरी दौड़, रस्साकस्सी और पंजा कुश्ती जैसे पारंपरिक खेलों का आयोजन हुआ, जिसमें विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। आयोजकों ने बताया कि इन खेलों को स्कूलों में वापस लाने का मुख्य उद्देश्य बच्चों को मोबाइल की लत से दूर कर शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ बनाना है, साथ ही भारतीय गांव, संस्कृति और सभ्यता की परिकल्पना को पुनर्जीवित करना है।
तीन दिवसीय महोत्सव के समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में मंडीदीप नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि श्री राजेंद्र अग्रवाल, पार्षद श्री जगदीश शर्मा, अखिल भारतीय स्वदेशी खेल एसोसिएशन के चेयरमैन एवं पूर्व मंत्री श्री दीपक जोशी, ABSKA के सेक्रेटरी जनरल श्री ए.के. सक्सेना, सदस्य  कृष्णावतार गुप्ता, स्कूल की प्राचार्या  पुष्पलता लोहानी, संचालक  नितिन लोहानी, एक्टिव फ्रेंड्स ऑफ भोपाल के अध्यक्ष डा. राजीव जैन, संगठन सचिव श्री राजकुमार श्रीवास्तव, सदस्य  प्रियंका गौर सहित समस्त शिक्षक स्टाफ और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
*एसोसिएशन की स्थापना*
मध्यप्रदेश के नव नियुक्त संगठन सचिव और प्रवक्ता डॉ राजीव जैन ने बताया की अखिल भारतीय स्वदेशी खेल एसोसिएशन की स्थापना 2025 में हुई थी और वर्तमान में 12 प्रदेशों मे इसका गठन हो चुका है। इसका मुख्य आधार घर मोहल्लो से हटकर बड़े मैदानों एवं स्टेडियम एवं स्कूलों में इन खेलो को खिलाकर इनकी पहचान दिलवाना है। साथ ही हर प्रदेश के क्षेत्रीय खेल शामिल करना और सबसे पहले कॉमन खेलो का समावेश करना है। अभी स्वदेशी खेलों को निम्न चरणों में बांटा गया है
परंपरागत भूले बिसरे खेल जिसमें मुख्य रूप से रस्सी कूद, लट्टू, तिगड़ी, साइकिल रेस के साथ कई और खेलों को भी शामिल किया गया है और ग्रामीण खेल में बैलगाड़ी दौड़, चम्मच दौड़ , लुडो, रंगोली और गुब्बारा फुलाना शामिल हे।
*: उद्देश्य :*
1. भारतीय स्वदेशी परम्परागत व नॉन ओलम्पिक खेलों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दिलाना।
2. स्वदेशी खेलों को लोकप्रिय बनाना।
3. भारतीय स्वदेशी खेलों में पक्षपात की भावना खत्म करना।
4. खेल के माध्यम से शान्ति प्रिय एवं वसुधैव कुटुम्बकम् आधारित विश्व का निर्माण करना।
5. धन के लिए खेल रहे प्रोफेशनल खिलाड़ियों की मानसिकता बदलना।
6. हर एक भारतीय खेलों को उनके परिवेश में व स्वतंत्र रूप से उनकी आवश्यकता के अनुरूप खेलने देना।
7. भारतीय परम्परागत व नॉन ओलम्पिक खेलों को एक प्लेटफॉर्म प्रदान करना।
8. सभी स्वदेशी व ग्रामीण खेलों का विकास करना।
9. खेलों से लिंग-भेद, वर्ण-भेद, हिंसा, धर्म व राजनीति खत्म करना।
10. ऐसे खेलों का सामाजिक स्तर पर परिवर्तित करना।
11. निष्पक्ष खेल भावना, मित्र भावना, आपसी व पारस्परिक संबंधों की मजबूती के लिए एकता के साथ खेल कराना।
12. विभिन्न खेलों के महासंघों तथा सार्वजनिक संस्थाओं को अच्छे स्तर के खिलाड़ियों के भविष्य निर्माण के लिए सहायक बनने हेतु प्रेरित करना।
13. गाँव व शहरों की दूरी कम करने हेतु अभियान चला कर ग्रामीण प्रतिभाओं की खोज करना।
14. लुप्त हो रहे स्वदेशी – परम्परागत – भूले-बिसरे खेलों की राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताएं कराना।
15. माननीय प्रधानमंत्री जी के फिट इंडिया व खेलो इंडिया के मिशन पर कार्य करना।
16. सभी भारतीय – स्वदेशी परम्परागत खेलों का अभिलेखागार बनाना।
17. इन खेलों की खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्रदान करना।
*मध्यप्रदेश स्टेट बॉडी का गठन*
स्वदेशी खेलों को प्रदेश में नई पहचान दिलाने के उद्देश्य से अखिल भारतीय स्वदेशी खेल एसोसिएशन के चेयरमैन दीपक जोशी  द्वारा मध्यप्रदेश की स्टेट बॉडी का गठन किया गया है। जिसमें प्रदेश अध्यक्ष अमरीश राय, उपाध्यक्ष हरदीप सिंह शाही ( रूबी भाई), राजेंद्र सिंह मुरावर, नवीन गौड़ ( इंदौर ), विमला वर्मा, महा सचिव राजकुमार श्रीवास्तव,संगठन सचिव एवं प्रवक्ता डॉ.राजीव जैन और सह सचिव रामशंकर मिश्रा ( रीवा),संदीप पटेल एवं सदस्य धर्मेंद्र नागर की नियुक्ति की गई। जनरल सेकेट्री ए के सक्सेना ने नवीन कार्यकारणी पदभार ग्रहण करवाया और शपथ दिलवाई गई।
यह स्टेट बॉडी प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग और खेल विभाग के साथ समन्वय कर शासकीय एवं निजी स्कूलों में इन पारंपरिक खेलों के प्रति विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करेगी, प्रशिक्षण प्रदान करेगी और सरकार की स्वदेशी खेल परिकल्पना से जोड़ेगी। साथ ही इन खेलों को राज्य स्तरीय खेलों की सूची में शामिल कराने का प्रयास किया जाएगा, ताकि स्कूली स्तर से ही खिलाड़ी स्टेट और नेशनल स्तर तक पहुंच सकें।

 

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