मनमुखी पारायण बनाकर कथा कहना विनाशकारी:- पं.सुशील


पं०सुशील महाराज ने जानकारी देते हुए बताया है कि धन की लोलुपता में कतिपय कथावाचक धर्म ध्वजा को नीचे झुकाने का काम कर रहे हैं।वह लोग 2 या 3 अथवा 5 दिवस की कथा मनमुखी पारायण बनाकर कहते हैं।इसलिए पुराण व शास्त्रों में वर्णित पारायण नियम के विरुद्ध होने वाले कथा कार्यक्रम कथावाचक एवं यजमान दोनों के लिए विनाशकारी साबित होते हैं। ऐसे कार्यक्रम को जनमानस द्वारा तत्काल प्रभाव से रोका जाना उचित होगा।ऐसा मेरा सभी से अनुरोध है।कथा-भागवत के कार्यक्रम पुराण, धर्मशास्त्र, रामायण में बताई विधि के अनुसार ही करवाना उचित जन कल्याणकारी होते हैं। नोट:- बेद,पुराण, शास्त्र के अनुसार अभी तक मात्र चार पारायण हमने सुने हैं। जिसमें श्रीराम कथा अथवा रामायण के तीन पारायण हैं। (१) चौबीस घण्टे की अखण्ड रामायण पारायण (२)नौ दिवसीय श्री रामकथा (३)मास पारायण एवं पुराण हेतु सप्ताह पारायण का विधान बताया गया है। 5 दिवस अथवा 3 दिवस का शिवपुराण अथवा श्रीराम कथा अथवा श्रीमद्भागवत कथा का कार्यक्रम किस बेद, पुराण,अथवा शास्त्र में बताई गई परायण बिधि के अनुसार संपन्न करवाया जाता है।उसका प्रमाण इन कथावाचकों को जनमानस के समक्ष प्रस्तुत करना चाहिए।जिससे कि आम जनता को भी 3दिवस और 5 दिवस के पारायण की जानकारी प्राप्त हो सके। और अगर 3दिवस और 5 दिवस की पारायण बिधि बेद, पुराण और शास्त्रों में वर्णित नहीं है।तो मनमुखी पारायण बनाकर अधर्म फैलाना बंद करना चाहिए। अन्यथा ऐसे कार्यक्रमों की देखा देखी छोटे-छोटे पंण्डित हर गांव-गली में 3दिवस और 5 दिवस की भागवत कथा एवं शिवपुराण एवं श्रीराम कथा कहने लगेंगे।और रामायण, पुराण,तथा शिवपुराण के पारायण मनमुखी 3एवं5दिवस के वन जायेंगे।इससे धर्म नहीं अधर्म की स्थापना होगी।जो हिन्दू धर्म को पतन की ओर ले जायेगी। इसकी सच्चाई यह कतिपय कथावाचक समझ पाये या नहीं मुझे यह तो नहीं मालूम है। लेकिन इतना अवश्य मालूम है।जब-जब अपूर्ण पारायण बिधि से पारायण करवाये जाते हैं।तब-तब यजमान अथवा आचार्य को उसका दंण्ड अवश्य भुगतना पड़ता है।कभी-कभी तो अपूर्ण पारायण बिधान में नर बलि तक लग जाती है। परिणाम 12 दिवस या 12 माह अथवा 12बर्ष धर्म-अधर्म के कोटा के बैलेंस के अनुसार मिलता है। लेकिन मिलता अवश्य है। जनहित में जारी।
भवदीय
पं०सुशील महाराज
कथावाचक एवं प्रबंन्धक
श्री शिव शक्ति धाम सिद्धाश्रम निपानिया जाट बैरसिया रोड भोपाल

