अध्यात्मखबरमध्य प्रदेश

108 कुंडी गायत्री महायज्ञ मंडीदीप का विशाल जनसमूह की भागीदारी के साथ समापन

भोपाल ।16 जनवरी को अखिल विश्वविद्यालय की परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के मार्गदर्शन में एवं गायत्री शक्तिपीठ भोपाल,प्रज्ञा पीठ बरखेड़ा गायत्री शक्तिपीठ औबेदुल्लागंज जिला रायसेन के सहयोग से 108 कुंडी गायत्री महायज्ञ मंडीदीप 13 से 16 जनवरी का आज भारी संख्या में जनसमूह की सहभागिता के साथ महा आरती और देव विसर्जन के साथ कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। आज भी 550 नए भाई बहनों ने दीक्षा ,एवं अन्य संस्कार कराए आज टोलीनायक श्री सुनील शर्मा ने यज्ञ पर मार्गदर्शन देते हुए कहा कि यह यज्ञ मिनी अश्वमेध यज्ञ के बराबर सम्पन्न हुआ है। इतने बड़े आयोजन को सराहनीय सफलता के साथ सम्पन्न में गायत्री परिवार के स्थानीय समाज सेवी संगठनों और शासन, प्रशासन की प्रत्यक्ष और परोक्ष भूमिका है।
कार्यक्रम में पधारे मप्र जोन के समन्वयक श्री राजेश पटेल ने वर्ष 2026 को अखंड दीपक की जन्म। शताब्दी को लक्ष्य करते हुये कहा कि कार्यकर्त्ताओं का कार्य यज्ञ तक सीमित न होकर 2026 की कार्ययोजना बनाकर आगे बढ़ना है उन्होंने बताया कि बताते कि आगामी शिवरात्रि से मध्य प्रदेश में पांच ज्योति कलश शांतिकुंज हरिद्वार से आने वाले हैं, महाशिवरात्रि से पांच ज्योति कलश रथों को तैयार कर मध्य प्रदेश के हर जिला तहसील गांव घर-घर ,धार्मिक सामाजिक स्थलों ,विद्यालयों में संपर्क कर गुरुदेव के विचारों,अभियानों को जन जन तक पहुंचाना। उन्होंने महायज्ञ में सहयोगी रायसेन जिलेके परिजनों, प्रज्ञा पीठ बरखेड़ा, गायत्री शक्तिपीठ भोपाल ,ओबेदुल्लागंज शक्तिपीठ रायसेन जिला समन्वय समिति सभी को बहुत-बहुत बधाई, शांतिकुंज का आशीर्वाद प्रदान किया, उन्होंने कहा कि आगे इस यज्ञ के तीन चरण थे जिसमें से दो चरण संपन्न हो चुके हैं 1) प्रयाज यज्ञ के पूर्व का 2) याज जो यज्ञ संपन्न हुआ और अब आगे जो चरण तीसरा हे कार्ययोजना है उसको 3)अनुयाज के क्रम में ज्योति कलश यात्रा के माध्यम से हर घर गांव तक गायत्री परिवार का संदेश पहुंचाना है संगठन विस्तार हेतु मंडलों का गठन करना है।
इस महायज्ञ में महत्वपूर्ण रूप से यज्ञ का स्वास, पर्यावरण ,वातावरण जल मिट्टी और ध्वनि पर यज्ञ का प्रभाव को जानने के लिए पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड उच्च शिक्षा संस्थान और अन्य संस्थाओं ने भी शोध रिसर्च किया जीने प्रणाम एक सप्ताह बाद मिलेंगे। इस महायज्ञ में गुरुदेव के साहित्य स्टाल, अनमोल पाठक युवा टीम एवं छिंदवाड़ा की टीम द्वारा गायत्री परिवार के सप्त आंदोलतनो जैसे पर्यावरण ,स्वास्थ्य शिक्षा ,स्वावलंबन ,नारी जागरण कृतियां उन्मूलन आदि की प्रदर्शनी लगाई गई, भारतीय संस्कार परंपरा के 16 संस्कार मैं से अधिकतर संपन्न कराए जिसमें दो विवाह संस्कार भी हुए, पंडाल स्थल पर जूते चप्पलों की व्यवस्थित व्यवस्था श्री हरीश कछावा जी के मार्गदर्शन में हुई, यीरेंद्र वर्मा, मुकेश साहू, रवि मालवीय, बासुदेव बर्डे, ओमप्रकाश तितरे एवं भावेश की टीम ने सजल श्रद्धा, प्रखर प्रज्ञा गुरु सत्ता के सजीव समाधि स्थल एवं गायत्री कल्पवृक्ष बनाए जो सेल्फी पॉइंट के रूप में आकर्षण का केंद्र रहे, यज्ञ स्थल पर ही समग्र स्वास्थ्य शिविर का आयोजन डॉक्टर दयानंद सम्मेलन और डॉ रीना धाकड़ के मार्गदर्शन में हुआ।
समापन की बेला पर कार्यक्रम स्थल पर मंच से सभी सक्रिय कार्यकर्ता प्रबुद्ध जन और विशेष कार्य करने वाले भाइयों बहनों का सम्मान टोली नायक सुनील शर्मा जी राजेश पटेल जोनल समन्वयक मध्य प्रदेश आरके गुप्ता जी आरपी हजारी ने किया। कार्यक्रम का संचालन सुरेश श्रीवास्तव जी ने किया, यज्ञ समिति के संयोजक धीरज मणि ने मंडीदीप के आम जनों और इस महायज्ञ के सफल आयोजन में मंडीदीप प्रबुद्ध वर्ग, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, राजनीतिक,धार्मिक सांस्कृतिक, संस्थाओं,जिन-जिन कार्यकता भाइयों बहनों,संस्थानों,मीडिया पुलिस,एवं प्रत्यक्ष प्रत्यक्ष रूप से मदद की सभी का आभार व्यक्त किया। यह जानकारी रमेश नागर सह मीडिया प्रभारी ने दी।

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