क्रिस्प में छात्राओं के लिए साइबर सुरक्षा एवं डिजिटल सशक्तिकरण पर जागरूकता कार्यशाला का आयोजन
कार्यशाला साइबर क्राइम एवं डिजिटल दुनिया में महिलाओं की सुरक्षा पर आधारित थी


भोपाल, 30 मई 2025 – सेंटर फॉर रिसर्च एंड इंडस्ट्रियल स्टाफ परफॉर्मेंस (CRISP), भोपाल द्वारा 30 मई को “साइबर क्राइम एवं डिजिटल दुनिया में महिलाओं की सुरक्षा” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य छात्राओं को साइबर अपराधों के बढ़ते खतरों से अवगत कराना और उनसे बचाव के उपाय सिखाना था।इस कार्यशाला में 150 से अधिक छात्राओं ने भाग लिया, जिनमें क्रिस्प प्रशिक्षण कार्यक्रमों की प्रशिक्षार्थी एवं श्रमोदय मॉडल आईटीआई की छात्राएँ भी शामिल थीं। कार्यशाला का संचालन एच.आर टीम से आयुषी विदुआ ने किया और कार्यशाला को साइबर सुरक्षा एवं डिजिटल साक्ष्य विशेषज्ञ एडवोकेट अक्षय बाजपेयी ने संबोधित किया।उन्होंने साइबर क्राइम के प्रकारों पर बात की कैसे कई बार अनजाने में साइबर क्राइम को खुद बुलावा देते है और बाद में पछताते है। आगे उन्होंने साइबर स्टॉकिंग, हरासमेंट, बुलीइंग, फिशिंग, रैंसमवेयर, सेक्सटॉर्शन, और सोशल इंजीनियरिंग और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 जैसे विषयों पर विस्तृत जानकारी साझा की। इसके अलावा पासवर्ड सुरक्षा, ऑनलाइन बैंकिंग और सोशल मीडिया अकाउंट की सुरक्षा पर भी व्यावहारिक सुझाव दिए गए।कार्यशाला के अंत में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक साइबर अपराधों से संबंधित प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञ ने विस्तृत उत्तर दिया।इस कार्यशाला के माध्यम से क्रिस्प ने न केवल साइबर सुरक्षा जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण विषय पर छात्राओं को जागरूक किया, बल्कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आत्मनिर्भर बनने, आत्मविश्वास के साथ अपनी पहचान की रक्षा करने और तकनीकी जानकारी से सशक्त होने की दिशा प्रेरित किया।

