खबरमध्य प्रदेश

सुप्रतिष्ठित कवि–कथाकार संतोष चौबे “सुदीर्घ सेवा सम्मान–2025” से हुए सम्मानित

भोपाल। आकार वीडियोटेक के प्रतिष्ठित आयोजन ‘आकार फिल्मोत्सव’ में सुप्रसिद्ध कवि–कथाकार एवं विश्व रंग के निदेशक  संतोष चौबे को साहित्य, कला, संस्कृति और हिंदी भाषा के वैश्विक प्रचार–प्रसार में किए गए अनुकरणीय योगदान हेतु “सुदीर्घ सेवा सम्मान–2025” प्रदान किया गया। यह भव्य आयोजन भोपाल के श्यामला हिल्स स्थित राजीव गांधी सभागार, एन.आई.टी.टी.टी.आर. में संपन्न हुआ। समारोह में विश्व विख्यात ध्रुपद गायक पद्मश्री उमाकांत गुंदेचा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ बड़ी संख्या में साहित्यकारों, कलाकारों, रंगकर्मियों, फिल्मकारों और संस्कृति प्रेमियों ने सहभागिता की। सुप्रसिद्ध कवि-कथाकार, उपन्यासकार, संपादक और अनुवादक  संतोष चौबे अपने अभिनव रचनात्मक प्रकल्पों और साहित्य-संस्कृति में निरंतर नवाचार के लिए वैश्विक स्तर पर विशिष्ट पहचान रखते हैं। हिंदी भाषा और भारतीय संस्कृति के प्रसार के उद्देश्य से उन्होंने वर्ष 2019 में भोपाल से अंतरराष्ट्रीय ‘विश्व रंग’ महोत्सव की शुरुआत की थी, जो आज 50 से अधिक देशों में सक्रिय है। जनवरी 2025 में मॉरीशस में हुए विश्व रंग के भव्य आयोजन के बाद अब 26 सितंबर से 1 अक्टूबर 2025 तक कोलंबो (श्रीलंका) में इसका अगला अंतरराष्ट्रीय संस्करण आयोजित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, नवंबर 2025 में भोपाल में भी इस महोत्सव का आयोजन प्रस्तावित है। हाल ही में  संतोष चौबे को नीदरलैंड्स से ‘साझा संसार अंतरराष्ट्रीय सम्मान–2025’ प्रदान किया गया है। इससे पूर्व उन्हें सिंगापुर में ‘विश्व हिंदी शिखर सम्मान–2024’, फ्रांस में ‘भारत गौरव सम्मान–2024’, लंदन में ‘वातायन यू.के. अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मान–2023’ तथा अमेरिका में प्रतिष्ठित संस्थान द्वारा ‘लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड–2023’ से भी सम्मानित किया जा चुका है। उनके रचनात्मक अवदान को अनेक साहित्यिक पुरस्कारों से मान्यता मिली है। उनकी कविता संग्रह ‘कहीं और सच होंगे सपने’ के लिए मध्यप्रदेश साहित्य परिषद का दुष्यंत कुमार पुरस्कार, आलोचना ग्रंथ ‘कला की संगत’ के लिए स्पंदन आलोचना सम्मान, अनुवाद कृति ‘मास्को डायरी’ के लिए मध्यप्रदेश राष्ट्रभाषा प्रचार समिति का पुरस्कार और उपन्यास ‘जलतरंग’ के लिए शैलेश मटियानी सम्मान तथा अंतरराष्ट्रीय वैली ऑफ वर्ड्स अवार्ड से उन्हें अलंकृत किया गया है। इसके अतिरिक्त, समग्र साहित्यिक योगदान के लिए उन्हें राष्ट्रीय दुष्यंत सम्मान और शिवमंगल सिंह ‘सुमन’ अलंकरण भी प्राप्त हुए हैं।प्रतिष्ठित “सुदीर्घ सेवा सम्मान–2025” से सम्मानित होने पर  संतोष चौबे को विश्व रंग टैगोर अंतर्राष्ट्रीय साहित्य एवं कला महोत्सव, टैगोर अंतरराष्ट्रीय हिंदी केन्द्र, प्रवासी भारतीय साहित्य एवं संस्कृति शोध केन्द्र, टैगोर विश्व कला एवं संस्कृति केंद्र, रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय, स्कोप ग्लोबल स्किल्स विश्वविद्यालय, डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय, आईसेक्ट विश्वविद्यालय, वनमाली सृजन पीठ सहित अनेक सहयोगी संस्थाओं ने हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

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