पिता का आज्ञाकारी पुत्र संसार में अमर हो जाता है पं- व्यास



भोपाल| श्री बालाजी भक्त परिवार द्वारा अयोध्या नगर में आयोजित शिव महापुराण में आज भगवान गणेश का जन्म हुआ| कथावाचक रमाकांत व्यास ने कहा कि गर्भ के समय माताओ से कहा जाता है कि वह जैसा आचरण करेगी गर्भ में पल रहे बच्चे में वैसे ही संस्कार पड़ेंगे गर्भकाल में माताओ को अपने माता-पिता, सास- ससुर व पूरे परिवार के प्रति प्रेम एवं धार्मिक कथाओं का चिंतन मनन करना चाहिए|
गणेश जी को माता पार्वती ने अपने शरीर के मेल से जन्म दिया था उन्होंने कर्तव्यनिष्ठा से अपनी मां की आज्ञा का पालन करते हुए पिता के हाथों अपना शीश दिया |रामचरितमानस की चौपाई “सुनु जननी सोई सुतु बड़भागी, जो पितु-मातु वचन अनुरागी”की व्याख्या करते हुए उन्होंने कहा वह पुत्र भाग्यशाली होता है जो माता-पिता की आज्ञा का पालन कर उन्हें संतुष्ट करें ऐसा पुत्र सारे संसार में दुर्लभ होता है |भगवान गणेश ने भी अपनी बुद्धि और विवेक से पृथ्वी की परिक्रमा की जगह शिव – पार्वती की परिक्रमा की एवं प्रथम पूज्य बने| माता-पिता की आज्ञा का पालन करना ही सबसे बड़ा धर्म है जो सच्चे मन से अपने पालक की भक्ति करता है वह दुनिया में अमर हो जाता है श्रवण कुमार इसका उदाहरण है| गणेश जन्म के समय संगीतमय भजनों पर श्रोता झूम उठे |प्रारंभ में व्यास पीठ का पूजन मानस भवन के अध्यक्ष रघुनंदन शर्मा , सुनील गुप्ता कृष्णकांत शास्त्री दिलीप दुबे, प्रदीप सोनी आदि ने किया|



