हनुमान चालीसा महापाठ से हजारों युवाओं ने लिया भारत को पुनः विश्वगुरु बनाने का संकल्प


सीहोर। मथुरागढ़, सेमरा दांगी ग्राम में “विश्वगुरु भारत महाअभियान” के अंतर्गत शुक्रवार 2 जनवरी को आस्था, ऊर्जा और राष्ट्रसंकल्प का विराट संगम देखने को मिला। इस ऐतिहासिक अवसर पर हजारों युवाओं एवं रामभक्तों ने एक साथ 1 लाख 25 हजार हनुमान चालीसा पाठ कर भारत को पुनः विश्वगुरु बनाने का संकल्प लिया। यह आयोजन आध्यात्मिक चेतना के साथ-साथ सामाजिक एकता और राष्ट्रभाव का सशक्त उदाहरण बना।
कार्यक्रम में संत समाज की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को दिव्य और भव्य स्वरूप प्रदान किया। विश्वगुरु भारत महाअभियान के संस्थापक अनिल ठाकुर के मार्गदर्शन में देशभर में 1 करोड़ 25 लाख हनुमान चालीसा महापाठ का संकल्प लिया गया है, जिसके प्रथम चरण का सफल संपन्न होना इस अभियान की ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है।
कार्यक्रम के आयोजक श्री अरविंद ठाकुर एवं दांगी युवक संघ के प्रदेश अध्यक्ष जेडी ठाकुर ने बताया कि इस भव्य आयोजन को सफल बनाने के लिए हजारों युवाओं ने दिन-रात अथक परिश्रम किया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन किसी एक वर्ग का नहीं, बल्कि पूरे समाज की आस्था, सेवा और राष्ट्रचेतना का प्रतीक है।
प्रथम चरण के संपन्न अवसर पर, लगभग 35 हजार से अधिक क्षेत्रीय जनसंख्या और ढाई सौ से अधिक संतों की उपस्थिति में यह संकल्प साकार हुआ। इस अवसर पर भारत के प्रसिद्ध जगतगुरु एवं अंतरराष्ट्रीय कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा जी ने हनुमान चालीसा महापाठ के संकल्प को केवल किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि प्रत्येक सनातनी का सामूहिक संकल्प बताया, जो भारत को पुनः विश्वगुरु के रूप में प्रतिष्ठित होते देखना चाहता है।
विश्वगुरु भारत अभियान के संस्थापक अनिल ठाकुर ने प्रथम चरण की सफलता पर सभी का आभार व्यक्त करते हुए अभियान के द्वितीय एवं तृतीय चरण को अयोध्या में आयोजित करने की योजना की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह अभियान निरंतर आगे बढ़ेगा और राष्ट्र को आध्यात्मिक रूप से सशक्त करेगा।
मंच संचालन नीरज तिवारी ने किया। आभार व्यक्त करते हुए जेडी ठाकुर ने कहा कि इस आयोजन में झाड़ू लगाने वाले सेवक से लेकर स्वागत-सत्कार करने वाले प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका समान रूप से महत्वपूर्ण है। उन्होंने अनिल ठाकुर के जीवन पर प्रकाश डालते हुए भावुक शब्दों में आयोजन से जुड़े सभी लोगों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
आभार ज्ञापन करते हुए अरविंद ठाकुर ने संतों, महामंडलेश्वरों एवं पंडित प्रदीप मिश्रा जी के चरणों में नमन कर स्वयं को धन्य बताया और कहा कि यह क्षेत्र, यह भूमि और यह समाज संतों की सेवा के लिए समर्पित है।
कार्यक्रम के मार्गदर्शक महामंडलेश्वर महंत श्री अनिल आनंद जी महाराज ने अपनी कृपा बरसाते हुए आयोजन को दिव्य-भव्य बताया और कहा कि आने वाले चरणों में डेढ़ से दो लाख श्रोताओं के साथ हनुमान चालीसा महापाठ का लक्ष्य रखा गया है।
आयोजकों ने समस्त सनातन प्रेमियों से अपील की है कि वे अपने परिवार एवं बच्चों के साथ आगामी चरणों में सहभागिता कर इस ऐतिहासिक अभियान का हिस्सा बनें और राष्ट्र निर्माण के इस पुण्य कार्य में सहभागी बनें।


