एजुकेशनखबरमध्य प्रदेश

क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान भोपाल में स्वामी विवेकानंद जयंती का आयोजन ‘राष्ट्रीय युवा दिवस ‘के रुप में मनाया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि व वक्ता राजीव गांधी तकनीकी विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी एवं बरकत्तउल्ला विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद् के सदस्य डाॅ.शशिरंजन अकेला थे। अपने व्याख्यान में उन्होंने कहा कि स्वामी जी के जन्म के 160 वर्ष से अधिक समय के बाद व शिकागो की धर्म संसद में उनके उद्बोधन के 133 वर्ष के पूर्व कहे गए उनके वक्तव्य का हम आज स्मरण कर रहे हैं। यह स्वामी विवेकानंद का समाज व मानवता के प्रति उनके योगदान का एवं वर्तमान समय में उसकी प्रासंगिकता का ही प्रतिबिम्ब है। किसी भी समाज व राष्ट्र की जो पीढ़ी अपने पूर्वजों,अपने ज्ञान और अपनी परंपरा और विरासत पर गर्व करती है उस समाज में कभी भी उसके मूल्यों का क्षरण नहीं होता। उन्होंने कहा कि स्वामी जी के विचार सार्वकालिक हैं। परतंत्रता के दौर में उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि कुछ समय के लिए मंदिर के देवता को पूजने की जगह ‘राष्ट्र रुपी मंदिर’ की उपासना में समय लगाएं।फुटबॉल के मैदान पर पसीना बहाकर अपने मन-मस्तिष्क को मजबूत करें और उसके बाद गीता का अध्ययन करें। जब युवा शरीर व मन से स्वास्थ्य होंगे तब वह अपनी आध्यात्मिक परंपरा को समझकर दुनिया को समझा पाएंगे। क्योंकि निर्बल राष्ट्र का समाज व देवता कभी सुरक्षित नहीं रह सकता। स्वामी जी का मानना था कि ऐसी शिक्षा निरर्थक है जिसको प्राप्त करने वाला विद्यार्थी या नागरिक समाज की शक्ति,समाज के धन व समाज की संचित ऊर्जा का उपयोग कर उसे प्राप्त करे किन्तु समाज व राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों को भूल जाए। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में जब विद्यार्थी के जड़ो से जुडने, सामाजिक सरोकारों के प्रति लगाव पैदा करने व उसके समग्र दृष्टिकोण व विकास पर जोर देने की बात की जा रही तो वह स्वामी जी के वैचारिक सिद्धांतो को शिक्षा में समाहित करने का एक प्रयास है। उनका सपना अपने देश वासियों में स्वत्व का जागरण कर अपने देशवासियों में स्वराष्ट्र प्रेम का जागरण करना था जिससे वह अपने पपैरों पर खड़े हो सके। संस्थान के प्राचार्य प्रो.शिवकुमार गुप्ता ने कहा स्वामी विवेकानंद जी अपने जीवन में अनेक समस्याओं व विपरीत परिस्थियों सामना करने न केवल दुनिया में भारत की आध्यात्मिक विजय पताका फहराई बल्कि विश्व बंधुत्व का संदेश अमेरिका में दिए अपने भाषण में दिया। इस अवसर पर संस्थान के विद्यार्थियों ने भी अपने वक्तृता कौशल व गीतों के माध्यम से स्वामी विवेकानंद जी के जीवनादर्शों को याद किया। इस कार्यक्रम में संस्थान के अधिष्ठाता प्रोफेसर जयदीप मंडल, विस्तार शिक्षा विभाग की अध्यक्षा प्रो.रत्नमाला आर्या,प्रो.अश्वनी गर्ग, प्रो.एन.सी.ओझा,डाॅ.सुरेश कुमार मकवाना,प्रो.रश्मि सिंघई व प्रशासनिक अधिकारी महेश आसुदानी सहित संस्थान के समस्त संकाय सदस्य,व विद्यार्थी उपस्थित रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button