

भोपाल। राजधानी भोपाल के रायसेन रोड स्थित एलएनसीटी कॉलेज परिसर में महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर एक महत्वपूर्ण जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। डीके सोशल वेलफेयर ग्रुप और एलएनसीटी कॉलेज के संयुक्त सहयोग से आयोजित इस कैंप में ब्रेस्ट कैंसर और एचपीवी वैक्सीनेशन से जुड़ी अहम जानकारी दी गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने हिस्सा लेकर स्वास्थ्य जांच और जागरूकता सत्रों का लाभ उठाया।
महिलाओं को सिखाई गई सेल्फ ब्रेस्ट एग्जामिनेशन तकनीक
शिविर के दौरान 500 से अधिक महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर की शुरुआती पहचान के लिए सेल्फ ब्रेस्ट एग्जामिनेशन (एसबीई) की सही प्रक्रिया समझाई गई। विशेषज्ञ डॉक्टरों ने बताया कि यदि महिलाएं नियमित रूप से स्वयं जांच करना सीख लें तो कैंसर के शुरुआती संकेत समय रहते पकड़ में आ सकते हैं। इसके साथ ही ब्रेस्ट कैंसर के प्रमुख लक्षण, जोखिम कारक, बचाव के तरीके और समय पर जांच कराने के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी गई।
सर्वाइकल कैंसर और एचपीवी वैक्सीन पर भी दिया गया विशेष जोर
कार्यक्रम में महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर के खतरे और उससे बचाव के उपायों के बारे में भी जागरूक किया गया। डॉक्टरों ने बताया कि एचपीवी संक्रमण इस कैंसर का प्रमुख कारण है और सही उम्र में टीकाकरण कराकर इसके खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। विशेषज्ञों ने महिलाओं और अभिभावकों से अपील की कि वे एचपीवी वैक्सीनेशन के बारे में सही जानकारी लें और समय पर टीकाकरण कराएं।
अनुभवी डॉक्टरों के मार्गदर्शन में हुआ आयोजन
इस सामाजिक पहल का नेतृत्व डॉ. अचिंत्य जैन (संस्थापक एवं चेयरपर्सन) और डॉ. आर्यन गर्ग (सीईओ) ने किया।
कार्यक्रम का संचालन और मार्गदर्शन अशोक राय, डॉ. अभय कुमार चौधरी (डायरेक्टर, जेके हॉस्पिटल), डॉ. प्रिया कुशवाह (कंसल्टेंट सर्जन), डॉ. संदीप सिंह (मेडिको लीगल एक्सपर्ट) और डॉ. नेहा पीएस (असिस्टेंट प्रोफेसर, ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी) के निर्देशन में किया गया।
मेडिकल स्टूडेंट्स ने निभाई अहम भूमिका
इस स्वास्थ्य अभियान को सफल बनाने में युवा मेडिकल वॉलंटियर्स और मेडिकल स्टूडेंट्स की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। कई युवा डॉक्टरों और प्रशिक्षु चिकित्सकों ने महिलाओं को जांच प्रक्रिया समझाने, काउंसलिंग देने और जागरूकता फैलाने में सहयोग किया।
क्यों जरूरी है ऐसे जागरूकता अभियान
भारत में बड़ी संख्या में महिलाएं ब्रेस्ट कैंसर और सर्वाइकल कैंसर की जानकारी के अभाव में देर से जांच कराती हैं। डॉक्टरों का मानना है कि यदि समय रहते जांच और टीकाकरण को लेकर जागरूकता बढ़ाई जाए तो इन गंभीर बीमारियों से बचाव संभव है।



