बाबा बटेश्वर एवं दुल्हन स्वरूपा मां गोरा को लगी हल्दी मेहंदी
महापौर मालती राय बाबा बटेश्वर मंदिर से वधू पक्ष मां कर्फ्यू वाली माता मंदिर में हल्दी मेहंदी ले जाते हुए




चढ़ गई हल्दी बंध गए कंगना भोले चले हैं गोरा के अंगनाभोपाल |बड़ की जड़ में प्रकट हुए स्वयंभू बाबा बटेश्वर का मंदिर परिसर आज विवाह के पूर्व पारंपरिक रीति रिवाज से लगाई जाने वाली हल्दी एवं मेहंदी के उत्सव में सराबोर था |इस अवसर पर महिलाएं पारंपरिक गीत गा रही थीं, हल्दी की छाई बहार आज गोरा के अंगना में, गूंजे
झनक झंकार आज गोरा के अंगना में..….. चढ़ गई हल्दी बंध गए कंगना भोले चले हैं गोरा के अंगना…… गोरे गोरे हाथों में मेहंदी लगेगी, हल्दी चढे़गी और मांग भरेगी, सोलह श्रृंगार मेरी गोरा करेगी, सज के आएंगे दूल्हे राजा…… गोरा जी के हाथों में मेहंदी सजाई है, गौरा बनी दुल्हन, दूल्हा भोलानाथ है..…..
मंदिर समिति के संजय अग्रवाल एवं प्रमोद नेमा ने बताया गोधूलि बेला में दूल्हा स्वरूप में सजी बाबा बटेश्वर की रजत प्रतिमा पर बड़ी संख्या में महिलाओं ने हल्दी एवं मेहंदी लगाकर स्वयं के सौभाग्य की वहीं अविवाहित कन्याओं ने सुयोग्य वर की कामना की तत्पश्चात सभी महिलाएं भवानी मंदिर सोमवारा पहुंची यहां पर भवानी मंदिर समिति वअध्यक्ष आशीष सैनी ने सभी का स्वागत किया| दुल्हन स्वरूपा माता पार्वती को मेहंदी एवं हल्दी की रस्म के बाद श्रृंगार कर महाआरती की गई इस अवसर पर प्रसादी के साथ सौभाग्य सामग्री का भी वितरण हुआ|


