भोपाल हाट में सुर शंकरा की लिख लिया नाम इसपे तेरा, ने मचाई धूम


सुर शंकरा म्यूज़िकल ग्रुप के कार्य. अध्यक्ष/मैनेजर इंजी. प्रतीक गर्ग एवं प्रेरणास्रोत सीए. निहारिका गर्ग ने भोपाल हाट में सुर शंकरा ग्रुप की 12 फ़रवरी 2026 को सफलता पूर्वक सम्पन्न हुई 168वीं प्रस्तुति के लिये भारतीय जनजातीय सहकारी विपणन विकास संघ लिमिटेड (ट्राइफेड) का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि इस “आदि महोत्सव” में जनजातीय संस्कृति शिल्प और विरासत का संगम दिखाई दिया जिसमें उत्तर पूर्वी राज्यों के साथ साथ मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, तेलंगाना, उत्तराखंड, सिक्किम, लद्दाख के जनजातीय कारीगरों द्वारा निर्मित प्रमाणित उत्पाद का प्रदर्शन 5 दर्जन से अधिक लगाये गये स्टालों में नज़र आया जिसमें जनजातीय जीवनशैली, लोककला, आभूषण, वस्त्र, धातु शिल्प तथा हस्तनिर्मित कलाकृतियों की जीवंत झलक देख सुर शंकरा परिवार ने प्रशंसा व्यक्त की l सफल संगीतमय कार्यक्रम का नेतृत्व ग्रुप के संस्थापक/अध्यक्ष भजन लेखक सुरेश गर्ग द्वारा किया गया जिसमें कार्यक्रम की एंकरिंग ग्रुप की संभागीय अध्यक्ष सिंगर आयशा खान ने, लेपटॉप ऑपरेटिंग सिंगर परी अलीज़ा खान ने, कार्यक्रम की निगरानी जिला अध्यक्ष भोपाल फ़ाज़ील खान ने, वीडियोग्राफी सिंगर जावेद खान ने, साउंड ऑपरेटिंग सुमित भाई ने की कार्यक्रम की शुरुआत सिंगर्स शशिलता व अमिता बोरसे ने ज्योत से ज्योत जगाते चलो से की फ़िर उसके बाद लगातार एक से बढ़कर एक गीतों की श्रंखला में मास्टर अव्यान गर्ग ने संदेसे आते हैं, परी अलीज़ा खान ने बाबूजी धीरे चलना, आयशा खान ने तेरा साथ है तो मुझे क्या कमी है, निवेदिता व्यास ने आज कोई प्यार से, शशिलता ने बता दूँ क्या लाना तुम लौट के आ जाना, अमिता बोरसे ने अकेले ही अकेले चला है कहाँ, जावेद खान ने अपनी आँखों में बसाकर, इसरार खान ने हम तुम्हें चाहते हैं ऐसे, मेहमूद खान ने फूलों के रंग से दिल की क़लम से, बसंत बाथरे ने सांसों की ज़रूरत है जैसे, विवेक दुबे ने अभी मुझमें कहीं, दिलिप बोरसे ने सुन के तेरी पुकार, सुरेश गर्ग ने पल भर के लिये कोई हमें प्यार कर ले सहित युगल गीतों में कार्यक्रम का टाइटल गीत “कोरा काग़ज़ था ये मन मेरा, लिख लिया नाम इसपे तेरा” ग्रुप के अध्यक्ष सुरेश गर्ग व लेपटॉप ऑपरेटर परी अलीज़ा खान ने जब गाया तो दर्शकों ने जोरदार तालियां बजाई वहीं दूसरी तरफ़ सुरेश गर्ग ने शशिलता के साथ तुमने पुकारा और हम चले आये, अमिता बोरसे के साथ मैं न भूलूंगा मैं न भूलूंगी, एंकर आयशा खान के साथ फूल तुम्हें भेजा है ख़त में, अमिता बोरसे व दिलिप बोरसे ने हमसे भूल हो गई हमका माफ़ी देई दो, परी अलीज़ा खान व आयशा खान ने पान खाये सैया हमारो के अलावा ग्रुप के संस्थापक सुरेश गर्ग ने स्व-रचित भजन हम तेरे दर पे चले आये भिखारी की तरह गाने के बाद कार्यक्रम का समापन गीत “हम तुम्हें इतना प्यार करेंगे के लोग हमें” संभागीय अध्यक्ष आयशा खान व अध्यक्ष सुरेश गर्ग ने गाकर ट्राइफेड के समस्त अधिकारी/कर्मचारी, भिन्न भिन्न प्रदेश से आये शिल्पकार एवं उपस्थित दर्शकों का दिल से आभार व्यक्त करते हुए सभी संगीत प्रेमियों को 15 फ़रवरी को शाम 6 बजे से सरदार वल्लभ भाई पॉलिटेक्निक कॉलेज में सुर शंकरा म्यूज़िकल ग्रुप की होने वाली 169वीं संगीतमय प्रस्तुति में समय निकालकर उपस्थित होकर सफल बनाने का अनुरोध किया है l



