महासंकल्प 125 करोड़ विश्वस्तरीय श्री हनुमान चालीसा महा पाठ का द्वितीय चरण में अनिल ठाकुर का विवाह संपन्न
संपूर्ण भारत वर्ष का सर्वश्रेष्ठ विवाह महा-उत्सव.



विश्वगुरु भारत अभियान के एक महासंकल्प 125 करोड़ विश्वस्तरीय श्री हनुमान चालीसा महा पाठ का द्वितीय चरण, में संस्थापक अनिल ठाकुर का विवाह महोत्सव संपन्न हुआ। कार्यक्रम के संरक्षक अनिल ठाकुर के छोटे भाई राजेश ठाकुर, अरविंद ठाकुर एवं उनके मात-पिता के नेतृत्व में हुआ। विश्वगुरु भारत अभियान के प्रथम चरण की शुरुआत सवा लाख श्री हनुमान चालीसा महा पाठ की शुरुआत ग्राम मथुराग मथुरागढ़ सेमरा दांगी सीहोर में भारत वर्ष के पूजनीय जगद्गुरु, पूजनीय शंकराचार्य, पूजनीय महामंडलेश्वर एवं हजारों पूजनीय साधु-संतों के बड़े कार्यक्रम के सानिध्य में 2 जनवरी 2026 को हुआ था- एवं द्वितीय चरण अनिल ठाकुर ने अपनी जनकपुरी ससुराल ग्राम मांदला खेड़ी कालापीपल शाजापुर जिले में 12 फरवरी 2026 को किए एवं समस्त धर्म प्रेमियों को तृतीय चरण के लिए अयोध्या में आने का निमंत्रण दिया-
उन्होंने कहा भारत को पुनः विश्वगुरु बनाने के लिए पूरे भारतवर्ष में 125 करोड़ हनुमान चालीसा का महा पाठ करवाया जाएगा। युवाओं को हमारी संस्कृति, हमारी सभ्यता, हमारे ग्रंथ से जोड़ा जाएगा। हम हमारी वास्तविक जड़ों से जुड़ेंगे तभी देश विश्वगुरु बनेगा। और उन्होंने कहा हमें हमारी पीढ़ी को पूर्वजों का इतिहास अवगत करवाना चाहिए, इसलिए अनिल ठाकुर ने संकल्प लिया कालापीपल में राजा भोज की प्रतिमा स्थापित करवाएंगे।
इस विवाह महोत्सव में करीब देश भर से 3 हजार संतों की मौजूदगी में इस अभियान की आधारशिला मजबूती से रखी गई। पंडाल इतना बड़ा बनाया जिसमें 1 लाख से भी ज्यादा लोग शामिल हुए, मंच पर ही हजार से अधिक साधु-संत बैठे हुए थे। ऐसा लग रहा था कि मानो संतों का मिनी महाकुंभ हो। हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई। जिसने भी यह आयोजन देखा वह देखता ही रह गया। इतना बड़ा आयोजन संपूर्ण भारत वर्ष में कभी नहीं हुआ है। इतने संतों की मौजूदगी में आशीर्वाद प्राप्त हुआ अनिल ठाकुर को, भारत में में एक मजबूत शक्ति बनकर उभरे। भारत के युवाओं में धार्मिक आस्था के लिए किया एक महा संकल्प।
यह विवाह महोत्सव जैसे सीता-राम का विवाह हुआ था, इस तरह अनिल ठाकुर का विवाह महोत्सव हुआ। जो युवा अनिल ठाकुर के मानव सेवा के कार्य से परिचित न हो, पुराणों के अनुसार हजारों साधु-संत की मौजूदगी में जिस तरह से राम जी और सीता मां का विवाह समापन हुआ था, उसके बाद पहली बार कलयुग में इतने साधु-संत की मौजूदगी में अनिल ठाकुर का विवाह संपन्न हुआ। ग्रामीण कह रहे थे कि ऐसा लग रहा है कि मानो भगवान श्री राम और सीता जी का स्वयंवर की वरमाला चल रही हो। यह सब हुआ। विवाह को सीता रामजी के विवाह महोत्सव की तरह बना दिया। पहली बार ऐसा भारत में मंगलम दृश्य लोगों ने अपनी आंखों से देखा।
एवं भगवान राम की तरह अनिल ठाकुर ने दहेज में 5 गौ माता ली, इसके साक्षी जगद्गुरु स्वामी शंकराचार्य, स्वामी महामंडलेश्वर, स्वामी कई अन्य साधु-संत रहे। कार्यक्रम के संयोजक उनके भाई जे डी ठाकुर दांगी युवक संघ प्रदेश अध्यक्ष जी ने मंच संचालन किया। और उन्होंने बताया शुभ विवाह महोत्सव में देश भर से लगभग चार से पांच राज्यों से सामाजिक लोगों की उपस्थिति रही एवं मध्य प्रदेश के 25 से 30 जिलों से सामाजिक एवं अन्य सामाजिक लोगों एवं राजनीतिक, समाजसेविक, प्रशासनिक अधिकारी गण, भिन्न-भिन्न क्षेत्र वरिष्ठ नागरिक गण, सामाजिक जनसैलाब की उपस्थिति में वैभव शादी समारोह समापन हुआ।
जनसैलाब इस अनोखी शादी को देखने के लिए उमड़ा। प्रदेश भर से बारात में 2 हजार से अधिक चार पहिया वाहन का काफिला था एवं हाथी, घोड़ा, भालू, सात घोड़े वाला रथ, डीजे, ढोल, बैंड-बाजा, शहनाई के साथ हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की। साधु-संतों के अनुसार भारत की सर्वश्रेष्ठ विवाह महा-उत्सव संपन्न हुआ। चारों ओर इस अनोखी शादी की चर्चा ही चर्चाएं हैं, जिसमें सवा लाख हनुमान चालीसा का पाठ करवाया गया एवं सवा लाख दीप प्रज्वलित करवाए गए। खेड़ापति हनुमान जी मंदिर का जीर्णोद्धार करवाया एवं अयोध्या से कलश लाकर स्थापित किया गया।
जिस तरह भगवान राम एवं मां जानकी की जयमाला हुई थी, उसी तरह अनिल शिवानी की जयमाला हुई। कल का विवाह महोत्सव भारत के ऐतिहासिक पन्नों में अंकित हुआ। इसके साक्षी हम सब रहे। विवाह महोत्सव में देशभर, प्रदेश भर से पधारे अतिथियों का आभार एवं उनका स्वागत उनके छोटे भाई राजेश ठाकुर और अरविंद ठाकुर ने एवं उनके पारिवारिक जन एवं उनके मित्रगण ने किया।



