खबरमध्य प्रदेश

सेवा ही सनातन का आधार” — डॉ. राजकुमार मालवीय

सीहोर/भोपाल। “रुद्राक्ष महोत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण और संस्कार का जीवंत उत्सव है। कुबेरेश्वर धाम में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु की निस्वार्थ सेवा करना हमारे लिए सौभाग्य और आध्यात्मिक साधना है। गुरुकुल परिवार सदैव समाजहित और सनातन मूल्यों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।” — यह वक्तव्य गुरुकुल के राज्य प्रमुख डॉ. राजकुमार मालवीय ने दिया।

उनके मार्गदर्शन में गुरुकुल परिवार 14 से 20 फरवरी तक कुबेरेश्वर धाम में आयोजित रुद्राक्ष महोत्सव 2026 में व्यापक सेवा सहयोग प्रदान करेगा। सात दिवसीय इस महोत्सव में गुरुकुल के विभिन्न आनुषांगिक संगठनों के साथ लगभग 400 स्वयंसेवक तैनात रहेंगे।

इस अनुष्ठान में गुरुकुल के सहयोगी संगठन— डॉक्टर सावित्री पाठक सामाजिक एवं शैक्षणिक संस्थान समिति, आर्यावर्त सनातन संस्कृति संस्थान, मां हिंगलाज सेवा समिति, नर्मदापुर युवा मंडल, गुरुकुल सेवा समिति, कर्मभूमि लोककल्याण समिति और कर्मयोगी संस्था— सक्रिय सहभागिता निभाएंगे।

गुरुकुल परिवार के वरिष्ठजनों के मार्गदर्शन में यह सेवा कार्य संचालित होगा, जिनमें प्रमुख रूप से परेश पाठक (संस्थापक, गुरुकुल), अखिलेश खंडेलवाल (अध्यक्ष, गुरुकुल परिवार), डॉ. राजकुमार मालवीय (राज्य प्रमुख), अतुल शर्मा (मार्गदर्शक), संजय मांझी (रायसेन), एस.एन. तोमर (इछावर), अभिषेक तोमर (सीहोर), तरुण सिंह कुशवाहा (भोपाल) और राहुल कनाडा (विदिशा) शामिल हैं।

व्यापक सेवा व्यवस्था

भोपाल, नर्मदापुरम, सीहोर, रायसेन और विदिशा जिलों से आए स्वयंसेवक सीहोर रेलवे स्टेशन से लेकर धाम परिसर तक श्रद्धालुओं को सुरक्षित मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। दुर्गा माता चौराहा, तहसील चौराहा, लूनिया चौराहा सहित प्रमुख स्थानों और पार्किंग स्थलों पर विशेष व्यवस्था की जाएगी। सेवा कार्य प्रतिदिन प्रातः 7 बजे से रात्रि 8 बजे तक संचालित होगा।

सेवा पंडालों में श्रद्धालुओं के लिए विश्राम, शुद्ध पेयजल और प्राथमिक उपचार की सुविधा उपलब्ध रहेगी। अस्वस्थ श्रद्धालुओं को तत्काल सहायता प्रदान करने हेतु स्थानीय प्रशासन, जिला अस्पताल और ब्लड बैंक से समन्वय स्थापित किया गया है। आवश्यकता पड़ने पर गंभीर स्थिति में मरीज को नर्सिंग छात्रों के साथ एम्बुलेंस द्वारा भोपाल तक पहुँचाने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।

सेवा से संस्कार

इस अभियान में गुरुकुल के वरिष्ठों के साथ बड़ी संख्या में युवा, समाजसेवी और छात्र भी सहभागी हैं। डॉ. मालवीय ने कहा कि युवाओं में सेवा, अनुशासन और परोपकार की भावना विकसित करना ही गुरुकुल का ध्येय है, और ऐसे आयोजन उन्हें समाज के प्रति उत्तरदायित्व का व्यावहारिक पाठ पढ़ाते हैं।

गुरुकुल परिवार का यह सेवा अभियान श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और स्वास्थ्य को समर्पित है तथा समाज में सहकार और संस्कार की भावना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक सार्थक पहल है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button