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ऑपरेशन सिंदूर में दिखा 10 वर्षों के सुधारों के लाभ’: PM बोले- चुनौतियों से निपटने के लिए हम तैयार रहें

पीएम मोदी ने साक्षात्कार के दौरान रक्षा बजट में बढ़ोतरी के महत्व का भी जिक्र किया। पीएम मोदी ने कहा कि रक्षा बजट में 15 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। पीएम ने कहा, सरकार सुरक्षा बलों के साथ मजबूती से खड़ी है और इसे सशक्त और उन्नत बनाने के लिए हर जरूरी कदम उठाएगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को दिए एक इंटरव्यू में बजट, व्यापार समझौते, रक्षा क्षेत्र के आधुनिकीकरण और भविष्य की योजनाओं पर खुलकर बात की। पीएम मोदी ने इस दौरान ऑपरेशन सिंदूर को सशस्त्र बलों की बहादुरी का प्रतीक बताया और वन रैंक वन पेंशन लागू करने को बड़ी उपलब्धि करार दिया। रक्षा बजट  पिछले बजट से 15 प्रतिशत अधिक
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले दशक में हमने रक्षा क्षेत्र में जो सुधार किए हैं, उनके लाभ ऑपरेशन सिंदूर के दौरान स्पष्ट रूप से दिखाई दिए। इसलिए, रक्षा बजट, आधुनिकीकरण आदि, ये सभी हमारे निरंतर प्रयासों के हिस्से हैं और इन्हें किसी विशेष मुद्दे से जोड़ने की आवश्यकता नहीं है। भारत को सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए हर समय तैयार रहना होगा। इसलिए इस वर्ष रक्षा क्षेत्र के लिए 7.85 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए जो पिछले बजट से 15 प्रतिशत अधिक है। यह किसी भी मंत्रालय या विभाग को दिया गया अब तक का सबसे बड़ा आवंटन है।

पीएम ने कहा, मेरी सरकार पहले दिन से ही स्पष्ट रही है कि वह देश की रक्षा बलों का समर्थन करने और उन्हें मजबूत बनाने के लिए हर संभव प्रयास करेगी। विश्व में लगातार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे देश के रूप में, भारत का यह कर्तव्य है कि वह अपने रक्षा क्षेत्र का आधुनिकीकरण वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप करे।

पीएम मोदी ने कहा, भारतीय सशस्त्र बलों को सर्वोत्तम तकनीकों से लैस होना चाहिए क्योंकि प्रौद्योगिकी दुनिया को नया आकार दे रही है और एनडीए सरकार पिछले 11 वर्षों से इस क्षेत्र में आधुनिकीकरण और आत्मनिर्भरता पर काम कर रही है। ऑपरेशन सिंदूर के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा, सशस्त्र बलों द्वारा दिखाए गए साहस पर पूरा देश गर्व करता है।

पीएम मोदी ने कहा, सैन्य आधुनिकीकरण के लिए 1.85 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो पिछले वर्ष के आवंटन से 25 प्रतिशत अधिक है। इसी तरह तीनों सेनाओं के लिए पूंजीगत व्यय आवंटन लगभग 2.2 लाख करोड़ रुपये है, जिसमें से 75 प्रतिशत घरेलू रक्षा उद्योगों से खरीद के लिए आरक्षित है। इससे न केवल सुरक्षा बढ़ती है बल्कि रोजगार भी सृजित होते हैं और हमारा औद्योगिक आधार मजबूत होता है। इसके परिणाम पहले से ही दिखाई दे रहे हैं, रक्षा निर्यात 23,000 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है, जो पिछले दशक में लगभग 35 गुना वृद्धि है, और स्वदेशी रक्षा उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है।

एनडीए ने वन-रैंक-वन-पेंशन की मांग पूरी
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार पूर्व सैनिकों के कल्याण के प्रति अत्यंत संवेदनशील है। इसीलिए स्वास्थ्य सेवा योजना के लिए 12,000 करोड़ रुपये से अधिक का आवंटन किया गया है। प्रतिशत के हिसाब से यह 45 प्रतिशत की वृद्धि है। लेकिन एक और बात है जिसे मैं रिकॉर्ड पर रखना चाहता हूं। प्रधानमंत्री ने कहा, एनडीए सरकार ने ही चार दशक पुरानी ओआरपी (वन-रैंक-वन-पेंशन) की मांग पूरी की है।

हम दुनिया के डाटा को भारत में रखे जाने का निमंत्रण दे रहे हैं : मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि दुनिया में तकनीक का परिदृश्य तेजी से बदल रहा है। अब केवल डिजिटल अपनाना ही काफी नहीं है, बल्कि डिजिटल नेतृत्व जरूरी है। जैसे यूपीआई के जरिये हमने डिजिटल पेमेंट में नेतृत्व दिखाया, वैसे ही अगली लहर डाटा और एआई की है।

समाचार एजेंसी पीटीआई को दिए साक्षात्कार में पीएम मोदी ने कहा, डाटा सुरक्षा के लिए डिजिटल निजी डाटा संरक्षण कानून लाया गया। दक्षता के लिहाज से भारतीय युवाओं की पहचान दुनिया में पहले से मजबूत है। अब जरूरत है उस बुनियादी ढांचे की जो एआई को चलाता है और वो है डाटा सेंटर। एआई को कंप्यूटिंग पावर और डाटा इंफ्रास्ट्रक्चर चाहिए। आज क्षमता बढ़ाकर हम भारतीय एआई इकोसिस्टम की नींव रख रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय और भारतीय कंपनियों ने निवेश की घोषणाएं की हैं। बजट के टैक्स इंसेंटिव निवेश को तेज करेंगे, लागत घटाएंगे और भारत को डाटा इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए ग्लोबल डेस्टिनेशन बनाएंगे। इसका परिणाम भी युवाओं के लिए बड़ी संख्या में रोजगार के रूप में सामने आएगा। हम दुनिया के डाटा को भारत में रहने का निमंत्रण दे रहे हैं।

केंद्रीय बजट के बारे में पीएम ने कहा, खर्च ऐसा होना चाहिए जिससे उत्पादकता बढ़े और यह हमारी सरकार की प्रमुख विशेषता रही है। ज्यादा पूंजीगत व्यय, बुनियादी ढांचे और पूंजी निवेश पर हमारे फोकस को दिखाता है जो दीर्घकालिक विकास के मजबूत चालक हैं। वित्त वर्ष 2027 के बजट में पूंजीगत व्यय को 12.2 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ा दिया गया है, जो 2013 की तुलना में पांच गुना अधिक है। यह अल्पकालिक लोकलुभावनवाद के बजाय उत्पादकता, रोजगार और भविष्य की आर्थिक क्षमता सृजित करने वाली संपत्तियों में निवेश करने के एक सचेत रणनीतिक निर्णय को दर्शाता है। इससे पता चलता है कि हमारा ध्यान लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाने, युवाओं के लिए रोजगार सृजित करने और विकसित भारत की दिशा में राष्ट्र की प्रगति को आगे बढ़ाने पर केंद्रित है।

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