अध्यात्मखबरमध्य प्रदेश

डॉ. राजकुमार मालवीय का आह्वान: “सेवा ही सच्ची साधना है, सेवा ही सनातन का मूल तत्व”

गुरुकुल के 400 स्वयं सेवक कर रहे हैं श्रद्धालुओं की सेवा, सहयोग और मार्गदर्शन

सीहोर। कुबेरेश्वर धाम रुद्राक्ष महोत्सव 2026 के पावन अवसर पर गुरुकुल द्वारा श्रद्धालुओं की सेवा हेतु जिले के विभिन्न प्रमुख स्थलों पर सेवा केंद्र स्थापित किए गए हैं। रेलवे स्टेशन, दुर्गा माता मंदिर, तहसील चौराहा, धाम पार्किंग सहित कई स्थानों पर 400 स्वयंसेवक निरंतर सेवा कार्य में जुटे हुए हैं।

इस संबंध में गुरुकुल के प्रमुख डॉ. राजकुमार मालवीय ने कहा कि “सेवा ही सच्ची साधना है, सेवा ही सनातन का मूल तत्व। महोत्सव में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु की सुविधा, सुरक्षा और सम्मान हमारी प्राथमिकता है। यह केवल आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक सहभागिता और मानव सेवा का महायज्ञ है।”

सेवा केंद्रों पर दी जा रही सुविधाएँ

गुरुकुल के स्वयंसेवक विभिन्न सेवा कार्यों में सक्रिय हैं—

* ट्रैफिक व्यवस्था में सहयोग
* निःशुल्क नाश्ता एवं पेयजल वितरण
* पार्किंग स्थलों पर मार्गदर्शन
* श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सुगम दिशा-निर्देशन
* बच्चों, बुजुर्गों एवं महिलाओं की विशेष देखभाल

वितरित की जा रही सामग्री

सेवा केंद्रों पर श्रद्धालुओं को चाय, नींबू पानी, रसना, शरबत, ग्लूकोज युक्त पानी, बिस्किट, ब्रेड, ककड़ी, चिप्स, नमकीन, केले तथा अन्य फल वितरित किए जा रहे हैं। साथ ही पोहा, हलुआ और प्रसाद की व्यवस्था भी की गई है।

समाज से सहभागिता का आह्वान

डॉ. मालवीय ने समस्त स्कूलों, एनजीओ, सामाजिक संगठनों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और युवाओं से अपील की है कि वे इस पुनीत सेवा कार्य में बढ़-चढ़कर भाग लें। सामग्री दान अथवा स्वयंसेवक के रूप में जुड़कर भी श्रद्धालुओं की सेवा की जा सकती है।

गुरुकुल द्वारा सामग्री दान हेतु संपर्क सूत्र जारी किए गए हैं। इच्छुक नागरिक दान सामग्री सेवा केंद्रों तक पहुंचाकर या स्वयं उपस्थित होकर वितरण कर सकते हैं।

डॉ. राजकुमार मालवीय ने कहा कि सामूहिक प्रयास, सेवा भावना और सहयोग से ही महोत्सव को भव्य एवं सफल बनाया जा सकता है।

आइये, सेवा, श्रद्धा और सहयोग से इस महोत्सव को सफल बनाएं।

इस अनुष्ठान में गुरुकुल के सहयोगी संगठन डॉक्टर सावित्री पाठक सामाजिक एवं शैक्षणिक संस्थान समिति, आर्यावर्त सनातन संस्कृति संस्थान, मां हिंगलाज सेवा समिति, नर्मदापुर युवा मंडल, गुरुकुल सेवा समिति, कर्मभूमि लोककल्याण समिति, कर्मयोगी संस्था हैं। गुरुकुल परिवार के वरिष्ठजनों के मार्गदर्शन में यह सेवा कार्य संचालित होगा, जिनमें प्रमुख रूप से परेश पाठक (संस्थापक, गुरुकुल), अखिलेश खंडेलवाल (अध्यक्ष, गुरुकुल परिवार), डॉ. राजकुमार मालवीय (राज्य प्रमुख), अतुल शर्मा (मार्गदर्शक), संजय मांझी (रायसेन), एस. एन.तोमर (इछावर), अभिषेक तोमर (सीहोर), तरुण सिंह कुशवाहा (भोपाल), राहुल कनाडा (विदिशा) शामिल हैं।

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