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अजाक्स संगठन पर षडयंत्र पूर्वक आधिपत्य स्थापित करने वालों मुकेश मोर्य एवं उनके साथियों पर कानून कारवाई हो

रजिस्टर फॉर्म्स एंड सोसाइटी कार्यालय में भ्रामक जानकारी प्रस्तुत कर अवैध दावाकर्ता एवं तथाकथित व्यक्तियों मुकेश मोर्य के विरुद्ध 420 की कार्यवाही की जाए

मध्य प्रदेश के अनुसूचित जाति तथा जनजाति के अधिकारी–कर्मचारियों आजीवन सदस्यों की पसीने की कमाई से एकत्रित धनराशि से निर्मित अजाक्स भवन तुलसी नगर पर अवैध प्रवेश करने वालो,भवन में ग्लास–डोर तोडने, ताला तोड़ने बदलने,सीसीटीवी डीबीआर को क्षति पहुंचाने वालों मुकेश मोर्य एवं उनके साथियों पर सख़्त कार्यवाही की जाए–अजाक्स

भोपाल l मध्य प्रदेश अनुसूचित जाति जनजाति अधिकारी कर्मचारी संघ (अजाक्स) द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में संगठन में चल रही ऊहा–पोह के संबंध में स्थिति स्पष्ट की है l संघ की ओर से जारी समाचार में संघ के प्रवक्ता एवं अन्य पदाधिकारियों ने बताया है कि *अजाक्स* मध्य प्रदेश की लगभग 40% आबादी का प्रतिनिधित्व करने वाला एकमात्र बड़ा संगठन है, जिसके अनुशासन और संगठन सक्रियता ने विभिन्न कर्मचारी यूनियनों के मध्य अपनी विशिष्ठ साख स्थापित की है;यही कारण है कि यह पहला संगठन है जिसके अध्यक्ष के रूप में, स्थापना से अब तक भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी सहर्ष इसके अध्यक्ष बनते रहे हैं l अजाक्स संगठन द्वारा प्रदेश के आरक्षित वर्ग के बुनियादी मूलभूत अधिकारों के प्रति सदैव सक्रियता से अपनी भूमिका का निर्वहन किया गया है। यही कारण है कि इस संगठन में आज लगभग डेढ़ लाख कर्मचारी इसके आजीवन तथा सामान्य सदस्य हैं जो प्रदेश के किसी भी कर्मचारी संगठन के सदस्यों से बड़ा सदस्यीय संगठन है । अजाक्स ने मध्य प्रदेश शासन के विभिन्न सक्रिय कार्यक्रमों के प्रचार प्रसार से लेकर, सदैव प्रदेश के विकास की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का, विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से, अपनी इकाइयों का योगदान करते हुए सक्रियता का निर्वहन किया है । पिछले कुछ महीनो से संगठन में तोड़फोड़ तथा संगठन के सम्माननीय सदस्यों के खून पसीने की कमाई से एकत्रित की गई धनराशि से, अजाक्स भवन का निर्माण स्थानीय तुलसी नगर लिंक रोड नंबर 2 पर किया गया है,जिसके उद्घाटन के बाद से ही तथाकथित एवं समाज में विघ्नसंतोषी लोगों ने संगठन की छवि तथा सदस्यों की गाढी कमाई से निर्मित भवन पर कब्जा जमाने की कुत्सित योजना बनाइ है । ऐसे वर्ग विरोधी तथा संगठन को कमजोर करने और उसकी छवि खराब करने वाले तथाकथित एवं संगठन से निष्कासित किए गए व्यक्ति द्वारा पहले तो स्वयं को संगठन का स्वयंभू अध्यक्ष घोषित कर लिया गया फिर उसके बाद रजिस्ट्रार फर्म्स एंड सोसाइटी में भी कूटरचित जानकारी धारा 27 अंतर्गत प्रस्तुत कर उसकी पावती लेकर भ्रमपूर्ण स्थिति बनाकर विवाद पैदा किया और जब इसमें वो कामयाब नहीं हुये तो उसने जबरिया भवन के अन्दर अवैध रूप से प्रवेश किया एवं भवन के मुख्य कांच के द्वार को तोड़ते हुए भवन को क्षति पहुंचाई एवं पुलिस की मदद से अबैध क़ब्ज़ा करने का प्रयास कर रहा है,कई कक्षों के ताले भी चेंज किए गए हैं l इस कार्य में पुलिस प्रशासन द्वारा मदद करना आश्चर्यचकित करता है, ये तथाकथित नित्य नई चेष्टाएं कर,संगठन की छवि को खराब करने तथा अप्रिय स्थिति निर्मित करने की कोशिश कर रहे है,जिसकी शिकायत संगठन द्वारा समय-समय पर तथा घटना के शीघ्र पश्चात् संबंधित थाना एवं रजिस्टर फॉर्म्स एंड सोसाइटी सहित शासन–प्रशासन स्तर पर प्रेषित की गई है । यह उल्लेखनीय होगा कि जिसे, संघ के भोलेभाले सदस्यों की सदस्यता राशि इत्यादि का गवन करने एवं संघ विरोधी कार्यों के लिए निष्कासित किया गया हो,उसके द्वारा दूसरे ही दिन वह अपने को विशाल संगठन का अध्यक्ष निरूपित कर देता है ? और स्वयंमेव संगठन के प्रचलित लेटर हेड की भांति और उसके अनुरूप ही हूबहू लेटर हेड तैयार कर कार्रवाई भी करने लगता है ? यह कितना आश्चर्यचकित करने वाला वाक्या है कि वर्ष 1993 से लेकर आज तक संगठन के नियत समय अवधि में निर्वाचन तथा वार्षिक सम्मेलन आयोजित होते रहे हैं, जहां कभी भी तथाकथित व्यक्तियों को लेकर कोई न तो निर्वाचन हुआ और न ही उन्हें कभी अध्यक्ष बनाया गया ? फिर ये महोदय कैसे और कब अध्यक्ष हो गये ?
ये यक्ष प्रश्न प्रदेश का सेवारत समाज आज मध्य प्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग एवं रजिस्ट्रार कार्यालय से कर रहा है अभी हाल ही में प्रांत अध्यक्ष श्री जे एन कंसोटिया,अपर मुख्य सचिव के पद से सेवानिवृत होने के परिणामत: संगठन में सर्वानुमति से भारतीय प्रशासन की सेवा के अधिकारी श्री संतोष वर्मा को, स्थानीय डॉक्टर अंबेडकर जयंती मैदान, तुलसी नगर में *23 नवम्बर,2025* को आयोजित संघ की प्रांतीय आमसभा में अध्यक्ष निर्वाचित घोषित किया गया ;जिसकी सूचना पूर्व से ही रजिस्ट्रार महोदय को विधि अनुसार दी गई थी तथा निर्वाचन पश्चात प्रतिवेदन भी हमेशा की तरह दिया गया था, यहां रजिस्टर फॉर्म्स एंड सोसाइटी के विशेष अधिकार पर भी सवाल खड़ा होता है क्योंकि उन्होंने इस बड़े संगठन के बारे में ना सोचते हुए कतिपय लोगों के षड्यंत्र पर सहयोग करना और अपने पद का सदुपयोग ना करना प्रमाणित होता है जबकि रजिस्ट्रार कार्यालय को ऐसे विवाद का तुरंत और पूरी सक्षमता से पटाक्षेप करना चाहिए था । इस सबके बावजूद भी आरक्षित वर्ग के इतने बड़े संगठन पर कब्जा करने की नीयत रखने वाले कथित व्यक्ति पर कोई कार्रवाई अब तक नहीं की गई है ? जिससे मध्य प्रदेश का आरक्षित वर्ग घटना की घोर निंदा तथा आश्चर्य व्यक्त कर रहा है कि ऐसे तथाकथित 420 सी अर्थात फर्जी तरीके से संगठन को नुकसान पहुंचाने वाले व्यक्ति के प्रति शासन कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा है? अजाक्स पदाधिकारियो ने भी घटना पर संज्ञान लेने तथा अवैध रूप से भवन में आधिपत्य जमाने की नीयत रखने वाले व्यक्ति एवं भवन को छति पहुँचाने की घटना कारित करने पर कार्यवाही शीघ्र किए जाने की मांग तथा कार्रवाई की अपेक्षा मध्य प्रदेश के मुखिया *माननीय डॉ मोहन यादव* मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश से की है । यदि, एक सप्ताह के भीतर ऐसे व्यक्ति अथवा व्यक्तियों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन व्यापक आंदोलन को बाध्य होगा;जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन की होगी । संघ ने विश्वास जताया कि उनकी बात को और इस गंभीर विषय को, जो आरक्षित वर्ग की गरिमा और सम्मान से जुड़ा है, पर सरकार शीघ्र ही ऐसे व्यक्ति के विरुद्ध कार्रवाई करेगी और संगठन को किसी भी प्रकार के आंदोलन की जरूरत नहीं पड़ेगी।

प्रांतीय महासचिव एवं प्रवक्ता
प्रांतीय सह–प्रवक्ता
प्रांतीय महासचिव
प्रांतीय कार्यवाहक अध्यक्ष
प्रांताध्यक्ष
प्रांतीय अध्यक्ष महिला विंग

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