खबरमध्य प्रदेश

हिन्दी पत्रकारिता के 200 साल पूरे होने पर आरएनटीयू में तीन दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी, देशभर की कई बड़ी हस्तियां करेंगी शिरकत

आरएनटीयू में ‘समकालीन हिंदी पत्रकारिता : परंपरा, परिवर्तन और भविष्य’ विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी, हिन्दी पत्रकारिता से जुड़ी बड़ी हस्तियां रखेंगे अपने विचार

भोपाल। रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय (आरएनटीयू) हिन्दी पत्रकारिता की दो शताब्दियों की गौरवपूर्ण यात्रा का साक्षी बनने जा रहा है। विश्वविद्यालय में हिन्दी पत्रकारिता के 200 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में तीन दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। संगोष्ठी का विषय “समकालीन हिंदी पत्रकारिता : परंपरा, परिवर्तन और भविष्य” रखा गया है। यह आयोजन विश्व रंग और स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी के सहयोग से 9, 10 और 11 जुलाई 2026 को आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में साहित्य और हिन्दी पत्रकारिता से जुड़ी देशभर की कई बड़ी हस्तियां शिरकत करेंगी। इस संगोष्ठी में आठ सत्र रखे गए हैं। यह संगोष्ठी हिन्दी पत्रकारिता की अब तक की यात्रा को वर्तमान के प्रश्नों और भविष्य की संभावनाओं से जोड़ते हुए एक व्यापक राष्ट्रीय संवाद का मंच बनेगी।

कार्यक्रम का शुभारंभ 9 जुलाई को शाम 7 बजे से रवींद्र भवन में ‘स्वाधीनता के गान’ की प्रस्तुति के साथ होगा। इसकी परिकल्पना संतोष चौबे ने की है, जबकि निर्देशन एवं प्रस्तुति क्षमा मालवीय की होगी। वहीं 10 जुलाई को विश्वविद्यालय के शारदा सभागार में सुबह 10 बजे से 12 बजे तक उद्घाटन सत्र आयोजित होगा। कार्यक्रम की शुरुआत अनिरुद्ध जोशी के सितार वादन से होगी। इसके बाद “समकालीन हिंदी पत्रकारिता – परंपरा, परिवर्तन और भविष्य” विषय पर विजयदत्त श्रीधर, ओम थानवी और विजय मनोहर तिवारी अपने विचार रखेंगे। अध्यक्षता रवीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति संतोष चौबे करेंगे।

इसी दिन दोपहर 12:30 बजे से मुख्यधारा की हिंदी पत्रकारिता में साहित्य की भूमिका, समकालीन हिंदी साहित्यिक पत्रकारिता तथा विज्ञान पत्रकारिता जैसे विषयों पर भी अलग-अलग सत्र आयोजित किए जाएंगे। इनमें ओम थानवी, सुधीश पचौरी, मनोज श्रीवास्तव, प्रियदर्शन, कृपाशंकर चौबे, अखिलेश, मुकेश वर्मा, क्षमा शर्मा, गीताश्री, पंकज सुबीर, देवेंद्र मेवाड़ी, कृष्ण कुमार मिश्र, मनीष मोहन गोरे और समीर गांगुली सहित अनेक वरिष्ठ पत्रकार, साहित्यकार और विशेषज्ञ भाग लेंगे। कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित पत्रिकाओं की प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया जाएगा। साथ ही हिंदी पत्रकारिता के इतिहास और विभिन्न पत्रिकाओं के नवीन अंकों का लोकार्पण भी होगा।

अंतिम दिन 11 जुलाई को पत्रकारिता, संस्कृति, कला और वैश्विक परिदृश्य से जुड़े विषयों पर सत्र आयोजित किए जाएंगे। सुबह 10:30 से 12:00 बजे तक कथा सभागार में “पत्रकारिता की मुख्यधारा में संस्कृति और कलाएं” विषय पर सत्र होगा, जिसकी अध्यक्षता प्रयाग शुक्ल करेंगे। इस दौरान उमेश त्रिवेदी, अजय ब्रह्मात्मज, अरविंद ओझा, विनीता चौबे और संजय पटेल अपने विचार रखेंगे। इसी सत्र में ‘लोक का आलोक’ पुस्तक का लोकार्पण भी किया जाएगा।

दोपहर 12:30 से 2:00 बजे तक “रंगसंवाद : संस्कृति और सृजन” विषय पर विशेष परिचर्चा आयोजित होगी। इसकी अध्यक्षता अशोक भोमिक करेंगे। सत्र में रविन्द्र त्रिपाठी, प्रेमशंकर शुक्ल, अजय बोकल और शकील अख्तर वक्ता के रूप में शामिल होंगे।

इसके बाद प्रतिनिधिमंडल स्कोप ग्लोबल स्किल्स विश्वविद्यालय के लिए प्रस्थान करेगा, जहां दोपहर 2:30 बजे विदेश में हिंदी पत्रकारिता पर आधारित विशेष प्रदर्शनी का उद्घाटन किया जाएगा। कार्यक्रम में स्कोप ग्लोबल स्किल्स विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी की विशेष उपस्थिति रहेगी। तीन दिवसीय संगोष्ठी का उद्देश्य हिंदी पत्रकारिता की 200 वर्ष की यात्रा, उसकी सांस्कृतिक विरासत और पत्रकारिता के विविध विषयों के गंभीर विमर्श को आगे बढ़ाना है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button