
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सऊदी अरब, तुर्किये और पाकिस्तान के बीच हुए रक्षा समझौते को खुद की रक्षा के लिए बड़ा, साहसिक और महत्वपूर्ण पहला कदम बताया है। मक्का में सात अगस्त को हुए इस समझौते को मुस्लिम नाटो के तौर पर भी देखा जा रहा है। इसमें कहा गया है कि तीनों में से किसी एक देश पर सशस्त्र हमला तीनों देशों पर हमला माना जाएगा।
रक्षा समझौते पर क्या बोले अमेरिकी राष्ट्रपति?
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया नेटवर्क ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा, “सऊदी अरब, तुर्किये और पाकिस्तान ने हाल ही में और आखिरकार मक्का संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, यह देखकर बहुत खुशी हुई। यह दिखाता है कि मध्य पूर्व किस तरह एकजुट हो रहा है और देश आखिरकार अधिक प्रभावी तरीके से अपनी रक्षा कर पाएंगे।” उन्होंने लिखा, “समझौते से जुड़े तीनों देशों के महान नेतृत्व को बधाई। यह एक बड़ा, साहसिक और महत्वपूर्ण पहला कदम है। वाह।शरीफ ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “मक्का संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थन के इन अच्छे शब्दों की मैं गहरी सराहना करता हूं।” उन्होंने कहा, “सऊदी अरब के भाईचारे वाले साम्राज्य और तुर्किये गणराज्य के साथ मिलकर पाकिस्तान अपने देशों के साथ-साथ पूरे क्षेत्र की रक्षा सुनिश्चित करने में रचनात्मक भूमिका निभाता रहेगा।”भारत ने इस समझौते पर दी क्या प्रतिक्रिया?
समझौते पर हस्ताक्षर होने के कुछ दिन बाद भारत ने कहा था कि वह अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ-साथ क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के नजरिये से इसके प्रभावों का आकलन कर रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 11 अगस्त को नई दिल्ली में प्रेस वार्ता में कहा था, “भारत अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस संबंध में सभी जरूरी कदम उठाएगा।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया नेटवर्क ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा, “सऊदी अरब, तुर्किये और पाकिस्तान ने हाल ही में और आखिरकार मक्का संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, यह देखकर बहुत खुशी हुई। यह दिखाता है कि मध्य पूर्व किस तरह एकजुट हो रहा है और देश आखिरकार अधिक प्रभावी तरीके से अपनी रक्षा कर पाएंगे।” उन्होंने लिखा, “समझौते से जुड़े तीनों देशों के महान नेतृत्व को बधाई। यह एक बड़ा, साहसिक और महत्वपूर्ण पहला कदम है। वाह।शरीफ ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “मक्का संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थन के इन अच्छे शब्दों की मैं गहरी सराहना करता हूं।” उन्होंने कहा, “सऊदी अरब के भाईचारे वाले साम्राज्य और तुर्किये गणराज्य के साथ मिलकर पाकिस्तान अपने देशों के साथ-साथ पूरे क्षेत्र की रक्षा सुनिश्चित करने में रचनात्मक भूमिका निभाता रहेगा।”भारत ने इस समझौते पर दी क्या प्रतिक्रिया?
समझौते पर हस्ताक्षर होने के कुछ दिन बाद भारत ने कहा था कि वह अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ-साथ क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के नजरिये से इसके प्रभावों का आकलन कर रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 11 अगस्त को नई दिल्ली में प्रेस वार्ता में कहा था, “भारत अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस संबंध में सभी जरूरी कदम उठाएगा।




