गुरुनानक पब्लिक हायर सेकेंडरी स्कूल पिपलानी भोपाल में हर्षोल्लास से मनाया गया स्वतंत्रता दिवस

भोपाल, 15 अगस्त। गुरुनानक पब्लिक हायर सेकेंडरी स्कूल, पिपलानी, भोपाल में देशभक्ति, उत्साह एवं गौरवपूर्ण वातावरण में भारत का 80वाँ स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकगण, विद्यार्थी एवं अभिभावक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सरदार कुलजीत सिंह जी ने ध्वजारोहण कर समारोह का शुभारंभ किया। राष्ट्रगान के पश्चात विद्यार्थियों द्वारा देशभक्ति से ओत-प्रोत सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिसने पूरे वातावरण को राष्ट्रप्रेम की भावना से भर दिया।
मुख्य अतिथि सरदार कुलजीत सिंह जी ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में विद्यार्थियों को शिक्षा एवं स्वतंत्रता के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि सच्ची शिक्षा केवल सफलता प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति को एक जिम्मेदार, संवेदनशील एवं श्रेष्ठ नागरिक बनाती है। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा को जीवन का आधार बनाकर निरंतर सीखने और अपने ज्ञान का उपयोग समाज एवं राष्ट्र के हित में करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने विद्यार्थियों को मोबाइल, सोशल मीडिया एवं गैजेट्स के अनावश्यक उपयोग से बचने की सलाह देते हुए कहा कि डिजिटल साधनों का उपयोग मनोरंजन में समय नष्ट करने के बजाय शिक्षा, ज्ञानवर्धन एवं सकारात्मक गतिविधियों के लिए किया जाना चाहिए।
उन्होंने स्वतंत्रता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमारी आज़ादी अनगिनत वीर स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, संघर्ष और बलिदान का परिणाम है। इसलिए स्वतंत्रता का वास्तविक सम्मान तभी होगा जब हम अपने अधिकारों के साथ अपने कर्तव्यों को भी समझें और देश के प्रति सम्मान, अनुशासन, ईमानदारी एवं जिम्मेदारी की भावना के साथ कार्य करें।
इस अवसर पर विद्यालय की प्राचार्य डॉ. नेहा गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि भारत केवल मानचित्र पर बनी एक सीमा नहीं, बल्कि यह हमारी भावना, हमारी पहचान और हमारी मातृभूमि है। उन्होंने विद्यार्थियों को राष्ट्रनिर्माण में अपनी भूमिका समझने के लिए प्रेरित किया। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि जीवन में असफलता से घबराकर रुकना नहीं चाहिए, बल्कि प्रत्येक असफलता को सफलता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मानना चाहिए।
उन्होंने प्रेरणादायी पंक्तियों के माध्यम से विद्यार्थियों को दृढ़ संकल्प, निरंतर प्रयास और आत्मविश्वास का संदेश दिया—
“गिरकर उठना भी एक प्रयास है,
प्रयत्न तो सिद्धि का ही शिलान्यास है।
और हार से डरकर रुकना नहीं है हमें,
मात तो जीत का केवल अभ्यास है।”
उन्होंने विद्यार्थियों को यह संदेश भी दिया कि भारत की महानता केवल उसके इतिहास में नहीं, बल्कि उसके नागरिकों के चरित्र, एकता, कर्तव्यनिष्ठा और मानवीय मूल्यों में निहित है। उन्होंने सिख गुरुओं के त्याग एवं बलिदान का स्मरण करते हुए कहा कि राष्ट्रप्रेम, मानवता, साहस और अन्याय के विरुद्ध खड़े होने की प्रेरणा हमें हमारे महान गुरुओं और स्वतंत्रता सेनानियों के जीवन से मिलती है।
समारोह में विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीत, भाषण, कविताएँ एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। विद्यार्थियों के उत्साह और प्रस्तुतियों ने समारोह को विशेष रूप से यादगार बना दिया।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय की उप-प्राचार्य सुश्री प्रीति बोधखे द्वारा आभार प्रदर्शन (Vote of Thanks) प्रस्तुत किया गया। उन्होंने मुख्य अतिथि, विद्यालय प्रबंधन, अभिभावकों, शिक्षकगण एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने में सभी के सहयोग की सराहना की।
सम्पूर्ण समारोह देशभक्ति, राष्ट्रीय गौरव, उत्साह और उमंग से ओत-प्रोत रहा। विद्यालय परिवार ने राष्ट्र की एकता, अखंडता एवं प्रगति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन किया।





