मध्य प्रदेश

भोपाल की 6 एक्स्ट्रा हाई टेंशन लाइनें सहित एमपी ट्रांसको की 593 ईएचवी लाइनों ने बनाया चार वर्षों से बिना ब्रेकडाउन के बिजली पारेषण का उल्लेखनीय कीर्तिमान

भोपाल। आंधी-तूफान, तेज बारिश, बिजली गिरने जैसी प्राकृतिक चुनौतियों और अन्य अप्रत्याशित व्यवधानों का सफलतापूर्वक सामना करते हुए मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) की 593 एक्स्ट्रा हाई वोल्टेज (ईएचवी) ट्रांसमिशन लाइनों ने पिछले चार वर्षों (करीब 1500 दिन) से बिना किसी ब्रेकडाउन के निर्बाध विद्युत पारेषण का उल्लेखनीय कीर्तिमान स्थापित किया है।

प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि एमपी ट्रांसको की 593 ईएचवी लाइनों ने पिछले चार वर्षों से बिना किसी ब्रेकडाउन के सफलतापूर्वक संचालित होकर प्रदेश की विद्युत पारेषण व्यवस्था की विश्वसनीयता और मजबूती को प्रमाणित किया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि कंपनी के अभियंताओं, तकनीकी कर्मचारियों तथा ट्रांसमिशन लाइन मेंटेनेंस में संलग्न आउटसोर्स कर्मियों की प्रतिबद्धता, दक्षता और टीमवर्क का परिणाम है।

–भोपाल की हैं ये लाइने —

राजधानी भोपाल की जिन छह प्रमुख लाइनों मे पिछले 1500 दिनों में कोई भी ब्रेकडाउन नहीं हुआ उसमे भोपाल 220 केवी – अमरावत खुर्द, भोपाल 220 केवी -बी एच ई एल लाइन , 220 के वी भोपाल शुजालपुर लाइन, 132 के वी भोपाल -आईटी पार्क बड़वाई, 132 के वी भोपाल चंबल जीआईएस ई 8 भोपाल,132 के वी भोपाल चंबल एम ए सी टी भोपाल ट्रांसमिशन लाइने शामिल हैं।
श्री तोमर ने बताया कि इन लाइनों की इस उपलब्धि के पीछे सतत एवं सजग मेंनटेनेंस , प्रभावी मॉनिटरिंग तथा अभियंताओं, तकनीकी कर्मचारियों और आउटसोर्स कर्मियों की निरंतर तत्परता प्रमुख कारण रहा है।

आधुनिक तकनीक और नवाचार के इस्तेमाल से मिली सफलता

ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने कहा कि प्रदेश में विद्युत ट्रांसमिशन नेटवर्क को अधिक विश्वसनीय एवं सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। आधुनिक तकनीकों के उपयोग, विभिन्न नवाचार,नियमित मेंटेनेंस, समयबद्ध निरीक्षण तथा प्रभावी मॉनिटरिंग व्यवस्था के कारण बड़ी संख्या में ईएचवी लाइनें लंबे समय से बिना किसी ब्रेकडाउन के सफलतापूर्वक संचालित हो रही हैं।
उपलब्धि के अन्य मुख्य कारक-

उन्होंने बताया कि इस उपलब्धि के पीछे ट्रांसमिशन लाइनों की नियमित पेट्रोलिंग, थर्मो-विजन निरीक्षण, संवेदनशील स्थलों की विशेष निगरानी, प्री-मानसून मेंटेनेंस अभियान तथा एससीएडीए आधारित सतत मॉनिटरिंग की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इसके अलावा लाइन कॉरिडोर का प्रभावी प्रबंधन, पेड़ों की समयबद्ध कटाई-छंटाई, इंसुलेटर, कंडक्टर, जंपर एवं अन्य हार्डवेयर का निवारक अनुरक्षण तथा संभावित तकनीकी खामियों की समय रहते पहचान कर उनका निराकरण किए जाने से ब्रेकडाउन की स्थितियों को प्रभावी रूप से रोका जा सका।

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