कल का मौसम: बारिश आई, राहत नहीं; दिल्ली-NCR में उमस का डबल अटैक जारी, एक हफ्ते कैसा रहेगा मौमस

गर्मी और उमस से बेहाल दिल्ली में मंगलवार सुबह कई हिस्सों में हल्की बारिश हुई, जिसके बाद तापमान में थोड़ी कमी आई। मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए किसी तरह का कोई अलर्ट जारी नहीं किया था।
ऐसे में रिज, पीतमपुरा, पूसा और मयूर विहार में बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके बाद दिन चढ़ते ही तापमान बढ़ने लगा और लोगों को उमस भरी गर्मी ने परेशान किया। अधिकतम तापमान 38.6 और न्यूनतम तापमान 28.4 डिग्री दर्ज हुआ। मौसम विभाग के अनुसार, 15 से 20 जुलाई तक तापमान में ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को नहीं मिलेगा। अधिकतम तापमान 35 से 39 डिग्री सेल्सियस के बीच और न्यूनतम तापमान 26 से 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है
छाए रहेंगे बादल
मौसम विभाग के अनुसार, इन दिनों पश्चिमी दिशा से 10 से 25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। 15 से 17 जुलाई तक आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे, जबकि 18 से 20 जुलाई के बीच आसमान में बादलों की मौजूदगी बढ़ने की संभावना है।
मौसम विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक कृष्णा मिश्रा बताते हैं कि मानसून के समय हवा के निम्न दबाव की एक रेखा बनती है जो उत्तरी पाकिस्तान से बंगाल की खाड़ी तक जाती है। इसे ही मानसून की रेखा या मानसून ट्रफ कहते हैं। यह रेखा ऊपर या नीचे की ओर स्थान बदलती रहती है। इसी के अनुसार बारिश की गतिविधियां भी धीमी या तेज होती हैं। मानसून रेखा के टूटने से दिल्ली समेत पश्चिमोत्तर भारत के बड़े हिस्से में सप्ताहभर अच्छी बारिश के आसार नहीं हैं। इससे लोगों को गर्मी और उमस का सामना करना पड़ेगा।मध्यम श्रेणी में पहुंची हवा
दिल्ली में कुछ इलाकों में हुई बारिश के चलते हवा खराब से मध्यम श्रेणी में पहुंच गई। वहीं, मंगलवार को एक्यूआई 145 रहा। इससे पहले सोमवार को एक्यूआई 246 दर्ज हुआ था जो खराब श्रेणी में आता है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में हवा की शुद्धता खराब होने की वजह अफगानिस्तान, ईरान और पाकिस्तान में आए तूफान से उड़ी मिनरल डस्ट (खनिज धूल) थी। यह धूल हवा के साथ उत्तर-पश्चिम भारत की ओर बढ़ी। इससे पीएम10 का स्तर बढ़ गया। इसके अलावा, इंडो-गैंगेटिक प्लेन में तेज हवाओं की वजह से भी दिल्ली में एक्यूआई लेवल बढ़ा है।

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