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NIA के इनपुट पर दो संदिग्ध गिरफ्तार, पाकिस्तानी गैंगस्टरों के साथ थे संपर्क में

बिहार के सीतामढ़ी में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) से मिले बेहद संवेदनशील इनपुट के आधार पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो संदिग्ध युवकों को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों का दावा है कि दोनों आरोपी पाकिस्तान में बैठे गैंगस्टरों के संपर्क में थे और देश में सांप्रदायिक तनाव फैलाने के साथ किसी बड़ी हिंसक वारदात को अंजाम देने की साजिश रच रहे थे। पुलिस ने समय रहते दोनों को गिरफ्तार कर संभावित घटना को टाल दिया। फिलहाल मामले की जांच स्थानीय पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां संयुक्त रूप से कर रही हैं।

गुप्त सूचना पर टकौर गांव में की गई कार्रवाई

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गाढ़ा थाना क्षेत्र के पकौर गांव निवासी मोहम्मद इकलाख और मोहम्मद अरमान के रूप में हुई है। पुलिस को गुप्त सूचना और तकनीकी इनपुट मिलने के बाद गाढ़ा थाना क्षेत्र के टकौर गांव में चारों ओर से घेराबंदी कर दोनों को दबोच लिया गया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों दिल्ली भागने की तैयारी में थे।इंस्टाग्राम के जरिए पाकिस्तानी गैंगस्टरों से जुड़े थे संपर्क

जिला पुलिस अधीक्षक के अनुसार, जांच में पता चला है कि दोनों आरोपी इंस्टाग्राम के माध्यम से पाकिस्तानी गैंगस्टर ‘एम. राणा’ और ‘मो. खान जान’ के संपर्क में थे। पुलिस का कहना है कि दोनों भारत में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने और किसी बड़ी मॉब लिंचिंग जैसी घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे थे। जांच में यह भी सामने आया है कि इस काम के लिए उन्हें सीमा पार से आर्थिक मदद और पैसों का लालच दिया जा रहा था।मोबाइल और सिम कार्ड से मिले अहम सुराग

गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने दोनों आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, चार सक्रिय सिम कार्ड और अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद की है। मोबाइल की शुरुआती जांच में कई अंतरराष्ट्रीय नंबर, व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम चैट के अलावा देश के संवेदनशील स्थानों से जुड़ी संदिग्ध तस्वीरें और जानकारियां मिली हैं। अब इन सभी डिजिटल साक्ष्यों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है।

गुजरात से लौटने के बाद बढ़ी गतिविधियां

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों आरोपी पहले गुजरात की एक सिलाई मशीन बनाने वाली फैक्ट्री में काम करते थे। वे 14 जून 2026 को गुजरात से सीतामढ़ी लौटे थे। इसके बाद से वे लगातार सीमा पार बैठे लोगों के संपर्क में थे और कथित तौर पर देश विरोधी गतिविधियों की योजना बनाने में जुटे थे।

संयुक्त जांच में जुटीं सुरक्षा एजेंसियां

पुलिस और केंद्रीय जांच एजेंसियां दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही हैं। जांच का फोकस उनके संपर्कों, फंडिंग के स्रोत और इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान पर है। अधिकारियों का कहना है कि फोरेंसिक रिपोर्ट और पूछताछ के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 

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