नेपाल में आई भीषण बाढ़ में 100 लोगों की मौत, 750+ लापता, प्रधानमंत्री बालेन ने पीएम मोदी का जताया आभार

पानी-मलबे में बह गया मजदूर, आम के पेड़ ने बचाई जान
नेपाल में आई भीषण बाढ़ के दौरान एक नेपाली मजदूर की जान आम के पेड़ की वजह से बच गई। बिदुर में काम कर रहे बिबेक कुमाल शौचालय के लिए गड्ढा खोद रहे थे, तभी पानी, मिट्टी और पत्थरों की तेज लहर अचानक आ गई। उनके साथ काम कर रहे चार मजदूरों ने उन्हें भागने के लिए कहा। कुमाल गड्ढे से निकलकर भागे, लेकिन तेज बहाव उन्हें अपने साथ बहा ले गया। इसी दौरान वह एक आम के पेड़ में फंस गए। काठमांडू के अस्पताल में भर्ती कुमाल ने कहा कि अगर आम का पेड़ नहीं होता तो वह बहकर मर जाते।
प्रधानमंत्री बालेन शाह ने पीएम मोदी को कहा धन्यवाद
प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन पर संवेदना और मदद की पेशकश के लिए धन्यवाद दिया है। बालेंद्र शाह ने एक्स पर लिखा कि इस कठिन समय में भारत की एकजुटता और सहायता का प्रस्ताव दोनों देशों की गहरी मित्रता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि नेपाल भारत के गर्मजोशी भरे समर्थन और सहयोग की भावना की सराहना करता है। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने बाढ़ में जान गंवाने वालों पर शोक जताते हुए नेपाल को हर संभव मानवीय और राहत सहायता देने का भरोसा दिलाया था।
85 सुरक्षाकर्मी लापता, 484 पर्यटक अब भी संपर्क से बाहर; प्रधानमंत्री कार्यालय ने और क्या जानकारी दी?
नेपाल में विनाशकारी बाढ़ के बाद लापता लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, सेना और पुलिस समेत कम से कम 85 सुरक्षाकर्मी अब भी संपर्क से बाहर हैं। वहीं, लापता पर्यटकों की संख्या बढ़कर 484 हो गई है। इनमें 391 विदेशी और 93 नेपाली पर्यटक शामिल हैं। स्थानीय लोगों में कितने लापता हैं, इसका अभी पता नहीं चल सका है। बाढ़ से बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान हुआ है। अब तक 19 पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि करीब 40 किलोमीटर सड़कें बाढ़ की चपेट में आकर प्रभावित हुई हैं।
तिब्बत में भी बाढ़ की तबाही, तीन की मौत; 265 लापता
तिब्बत क्षेत्र में भी भीषण बाढ़ से भारी नुकसान की खबर सामने आई है। चीन के सरकारी प्रसारक सीसीटीवी के अनुसार, तिब्बत के ग्यिरोंग में कम से कम तीन लोगों की मौत हुई है, जबकि 265 लोग अब भी लापता हैं। ये आंकड़े शुरुआती जानकारी के आधार पर बताए गए हैं और इनका सत्यापन अभी जारी है। इससे पहले नेपाल में भोटे कोशी और त्रिशूली नदी क्षेत्र में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद बचाव दल 95 शव बरामद कर चुके हैं। दोनों देशों की सीमा से लगे क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान जारी है।
आपदा में 95 लोगों के मारे जाने की पुष्टि
इस प्राकृतिक आपदा में 95 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की गई है और 500 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं। वहीं, नेपाल टूरिज्म ने भी एक आंकड़ा साझा किया है जिसके मुताबिक 291 विदेशी पर्यटकों का पता नहीं चल पाया है और इनमें भारत के 105 नागरिक भी शामिल हैं। बाढ़ से कई जलविद्युत परियोजनाओं को नुकसान पहुंचा है।
दयानिधि मारन ने नेपाल में बाढ़ में फंसे तमिलनाडु के पर्यटकों को बचाने की अपील की
लोकसभा सदस्य दयानिधि मारन ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से बुधवार को नेपाल में आई भीषण बाढ़ में फंसे या लापता तमिलनाडु के करीब 50 लोग सहित भारतीय पर्यटकों को सुरक्षित निकालने और स्वदेश वापस लाने की अपील की। नेपाल के तिब्बत से सटे दो मध्यवर्ती जिलों में बुधवार तड़के अचानक आई भीषण बाढ़ से चार लोगों की मौत हो गई।


