खबर

नेपाल में बाढ़ का कहर: कीचड़ से भरी सुरंग में फंसे लोगों को सेना ने कैसे निकाला? बचाव का वीडियो आया सामने

नेपाल में बाढ़ के बीच रसुवा जिले में अपर त्रिशूली-1 जलविद्युत परियोजना की सुरंग में फंसे लोगों को निकालने के लिए सेना ने बड़ा बचाव अभियान चलाया। नेपाली सेना की ओर से जारी वीडियो में बचाए गए लोग सुरंग के अंदर जमा गहरे भूरे और गाढ़े कीचड़ के बीच रेंगते हुए बाहर आते दिख रहे हैं। इसके बाद बचावकर्मी उन्हें पकड़कर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाते नजर आए।

सुरंग के रास्ते खोजने में क्यों आई मुश्किल?

सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल राजा राम बस्नेत ने बताया कि सुरंग के प्रवेश और निकास वाले स्थान की पहचान करना बेहद मुश्किल हो गया था। दोनों रास्ते कीचड़ से पूरी तरह ढक गए थे। उन्होंने कहा कि बचाव दल की पहली प्राथमिकता सुरंग में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना है। कीचड़ और खराब स्थिति के कारण अभियान में बचावकर्मियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नेपाल की सेना ने इसका वीडियो भी जारी किया है।

नेपाल में बाढ़ से कितनी बड़ी तबाही हुई?

नेपाल में अचानक आई बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती मुश्किल भौगोलिक परिस्थितियों के कारण लापता लोगों का पता लगाना है। प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।

अब तक कितने लोगों को सुरक्षित निकाला गया?

बाढ़ प्रभावित इलाकों से अब तक 3,200 से अधिक लोगों को हवाई मार्ग से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। इसके बावजूद कई इलाकों में राहत और बचाव अभियान जारी है। मुश्किल पहाड़ी इलाकों के कारण जमीन के रास्ते राहत पहुंचाना चुनौती बना हुआ है। सुरंग में फंसे लोगों को निकालने के लिए भी अभियान लगातार चलाया जा रहा है।

तिब्बत की तरफ बनी झील से क्यों बढ़ा खतरा?

नेपाल में बचाव अभियान के बीच तिब्बत की तरफ बनी एक झील से और बाढ़ आने की चेतावनी ने चिंता बढ़ा दी है। इसके कारण पहले से प्रभावित इलाकों में खतरा और बढ़ सकता है। पुलिस प्रवक्ता अभि नारायण काफ्ले ने कहा कि नए खतरे के बावजूद बचाव अभियान जारी है। उन्होंने कहा कि अभियान रुका नहीं है और प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने की कोशिश जारी है

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button