इमरजेंसी लगी रही भागम भाग
एसआरएन अस्पताल की इमरजेंसी… सोमवार को चारों तरफ मरीजों की आवाजाही और भाग-दौड़ के बीच अचानक माहौल बदल गया। एक के बाद एक घायल अस्पताल पहुंचने लगे। किसी के शरीर पर चोट के निशान थे तो कोई पूरी तरह से झुलसा था। किसी को अपने परिवार की चिंता थी तो किसी को इस बात का डर सता रहा था कि कहीं कोई मौत की खबर न सुना दे।
मौके पर पहुंचे प्रयागराज के अपर पुलिसआयुक्त डॉ. अजयपाल और एडीएम सिटी सत्यम मिश्रा। – फोटो : संवाद।
साहब किसी तरह बचा लीजिए
इमरजेंसी में पहुंचे घायलों के साथ परिजन भी बदहवास थे। कोई अपनों का नाम लेकर पुकार रहा था तो कोई डॉक्टरों के सामने हाथ जोड़कर बस एक ही बात कह रहा था, ‘साहब किसी तरह बचा लीजिए।’
लोगों की आंखें नम थीं
इलाज के दौरान डॉक्टरों ने पांच वर्षीय प्रांजली, प्रवीण सिंह (13) और अंजू (32) को मृत घोषित कर दिया। कुछ देर पहले तक जिन अपनों को बचाने की उम्मीद में परिजन अस्पताल पहुंचे थे उनके सामने अब मौत की सच्चाई थी। प्रांजली की मौत की खबर सुनते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। इमरजेंसी में मौजूद लोगों की आंखें नम थीं। वहीं, तीनों शव एसआरएन अस्पताल की मोर्चरी में रखवाए गए हैं। मंगलवार को पोस्टमार्टम होगा।
तीन भाई-बहनों में सबसे छोटी थी प्रांजली, पिता बैंक में कैशियर
प्रांजली तीन भाई-बहनों में सबसे छोटी थी। पिता कौशाम्बी के बैंक में कैशियर हैं। घटना के समय वह ड्यूटी पर गए थे। घर में प्रांजली के साथ उसके दो भाई, मां और परिवार के अन्य सदस्य मौजूद थे। अस्पताल पहुंचे मामा मंजीत बच्ची की मौत की खबर सुनकर बेसुध हो गए।
पांचों घायलों को एसआरएन में चल रहा इलाज
घायल सविता देवी (33), उर्वशी (16), राजेश कुमार (45), माला देवी (36) और अनीता (35) का अस्पताल में इलाज चल रहा है। डॉक्टर उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।