विदिशा में आत्म-साक्षात्कार का दिव्य अवसर: “एक मुलाकात स्वयं से” 3-दिवसीय ध्यान शिविर 25 सितंबर से

विदिशा/ नगर के लिए यह अत्यंत हर्ष और सौभाग्य का विषय है कि आगामी 25, 26 एवं 27 सितंबर को “एक मुलाकात स्वयं से” नामक तीन-दिवसीय जीवन-परिवर्तनकारी ध्यान शिविर का कामधेनु मंगल वाटिका ईदगाह चौराहा विदिशा में भव्य आयोजन होने जा रहा है। ओशो मित्र मंडली, विदिशा द्वारा आयोजित यह शिविर नागरिकों को दैनिक जीवन के तनाव से मुक्ति, आंतरिक शांति, मानसिक स्पष्टता और आध्यात्मिक जागृति प्रदान करने का एक दुर्लभ अवसर है।
मध्य प्रदेश स्वर्णकार समाज कल्याण समिति के प्रांतीय अध्यक्ष एवं ओशो प्रेमी लायन अरुण कुमार सोनी ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि इस दिव्य शिविर का संचालन प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु महर्षि आलोक जी द्वारा किया जाएगा। महर्षि आलोक जी स्वयं एक गोल्ड मेडलिस्ट इंजीनियर रहे हैं और भारतीय रेलवे में प्रथम श्रेणी (First Class) अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएँ दे चुके हैं। संबोधि प्राप्त होने के उपरांत उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) लेकर अपना संपूर्ण जीवन मानवता के कल्याण, ध्यान और आंतरिक रूपांतरण के लिए समर्पित कर दिया।
महर्षि आलोक जी आज देश-विदेश में हजारों लोगों को अध्यात्म का व्यावहारिक ज्ञान देकर उन्हें आनंदमय जीवन, आंतरिक समृद्धि और हर क्षेत्र में उत्कृष्ट सफलता प्राप्त करने का मार्ग दिखा रहे हैं।
रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया जारी, आयोजकों ने की जुड़ने की अपील
आयोजन समिति एवं ओशो मित्र मंडली ने बताया कि कार्यक्रम को लेकर शहरवासियों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। जिन श्रद्धालुओं और ध्यान-प्रेमियों ने अपना पंजीकरण करवा लिया है, समिति ने उनका आभार व्यक्त किया है। वहीं, अन्य नागरिकों, मित्रों और परिजनों से भी अपील की गई है कि वे शीघ्र अति शीघ्र अपना रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित करें।
संपर्क–स्वामी पंकज आर्य (साक्षी)
9827596272,
स्वामी बालाराम पंथी 9907091956, स्वामी रामचरण आर्य 7999364064, स्वामी रामस्वरूप आर्य 9754940396, स्वामी सुभाष चावला 9098757046, लायन अरुण कुमार सोनी 7987231767,
लायन अरुण कुमार सोनी ने कहा, “यह केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि स्वयं से मिलने और अपनी असीम संभावनाओं को जागृत करने का अवसर है। जिस प्रकार गंगा स्वयं द्वार पर आए तो अवसर गंवाना नहीं चाहिए, ठीक वैसे ही विदिशावासियों को इस पावन अवसर का भरपूर लाभ उठाना चाहिए।”



