धान मिलिंग मेअनियमितता 27.68 करोड़ मूल्य का चावल जमा नहीं कराया गया अनुबंध में 14 करोड़ की एफ डी आर फर्जी पाई गई भ्रष्टाचारियों को जिले का प्रभार नहीं दिया जाए

विश्वास सूत्रों के अनुसार आपूर्ति निगम सीधी में वर्ष 2025-26 के धान मिलिंग हेतु राइस मिल के मालिक अमन यादव द्वारा 14 करोड़ की फर्जी एफ डी आर जमा कर के 381 लॉट धान का अनुबंध कराया गया उसके बाद 285 लॉट का डिलेवरी आर्डर जारी किया गया उसमें से राइस मिल द्वारा 44 लॉट का चावल जमा कराया गया शेष 241 लॉट का चावल जिसका मूल्य 27.68 करोड़ होता है जमा नहीं कराया गया जिसकी वजह से प्रभारी जिला प्रबंधक को निलंबित कर दिया गया है साथ इस राइस मिल काण्ड में लिप्त कर्मचारियों के ऊपर गाज गिरने वाली है सीधी जिले में उक्त फर्जी एफ डी आर कांड एवं रईस मिल द्वारा चावल जमा न करने संबंधी के काण्ड का कड़ा विरोध करते हुए वरिष्ठ कर्मचारी नेता अनिल बाजपेई एवं अरुण वर्मा ने बताया कि आए दिन आपूर्ति निगम एवं वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन सहित अनेक वित्तीय अनियमितता होती रहती है इसके बाद भी कोई कड़ी कार्रवाई नहीं करने से भ्रष्टाचारियों के हौसले बुलंद हैं इसका सबसे बड़ा कारण सेवानिवृत्त के पश्चात पुनर्नियुक्ति प्रथा एवं मजे हुए भ्रष्ट कर्मचारियों को प्रभारी जिला प्रबंधक बनाना है जिसके कारण वित्तीय अनियमित्ता एवं भ्रष्ट्राचार को बढ़ावा मिलता है
अत: सेमी गवर्मेन्ट एम्प्लाइज फेडरेशन के संयोजक अनिल बाजपेई एवं अर्द्ध शासकीय अधिकारी कर्मचारी सार्वजनिक उपक्रम संघ के प्रांताध्यक्ष अरुण वर्मा ने मान्यनीय मुख्य मंत्री महोदय एवं मान्यनीय अध्यक्ष प्रबंध संचालक महोदय से अनुरोध किया है कि निगम मंडलों में वित्तीय अनियमितता एवं भ्रष्ट्राचार रोकने के लिए भाई भतीजा बाद के तहत सेवानिवृत्ति के पश्चात पुनर्नियुक्ति प्रथा पूर्णतः समाप्त किया जाए साथ ही भ्रष्ट कर्मचारियों या अधिकारियों को जिले का प्रभारी नहीं बनाया जाए ताकि भ्रष्ट्राचार पर अंकुश लगाया जा सके




