UGC के नए नियमों की समीक्षा, आर्थिक आधार पर आरक्षण एवं सवर्ण सुरक्षा अधिनियम की मांग उठाई
भोपाल, 26 सितंबर 2026। UGC रोल बैक संघर्ष समिति, भोपाल एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने UGC के नवीन नियमों, आरक्षण व्यवस्था तथा सवर्ण समाज के अधिकारों से जुड़े विषयों पर अपनी मांगें रखते हुए महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन प्रस्तुत करने की पहल की।
समिति ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में समानता, सामाजिक समरसता एवं सभी नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों का संरक्षण सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है। इस संबंध में समिति ने चार प्रमुख मांगें उठाईं।
समिति की प्रमुख मांगें:
1. UGC के नए नियमों की समीक्षा एवं वापसी: नवीन नियमों एवं दिशा-निर्देशों की समीक्षा कर आवश्यक संशोधन अथवा वापसी की कार्रवाई की जाए।
2. आरक्षण में आर्थिक आधार: आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा कर आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद वर्गों के हितों के लिए प्रभावी नीतिगत पहल की जाए।
3. SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम: वास्तविक पीड़ितों के अधिकारों की रक्षा के साथ-साथ झूठी एवं दुर्भावनापूर्ण शिकायतों के प्रमाणित मामलों में कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
4. सवर्ण सुरक्षा अधिनियम: सवर्ण समाज के नागरिकों के साथ होने वाले अन्याय, उत्पीड़न एवं भेदभाव से संरक्षण के लिए पृथक कानून बनाने की दिशा में पहल की जाए।
समिति ने इन विषयों पर संबंधित सक्षम प्राधिकारियों द्वारा विचार किए जाने तथा न्याय, समानता एवं सामाजिक समरसता के अनुरूप आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया।
विभिन्न सामाजिक संगठनों का समर्थन
इस पहल में ब्राह्मण समाज से सुनील पांडे, अखण्ड ब्राह्मण सेवा समिति के महासचिव कृष्ण कुमार द्विवेदी, रघुवंशी समाज से योगेंद्र रघुवंशी, जैन समाज से पंकज जैन, अग्रवाल समाज से रविकांत अग्रवाल, भूमिहार ब्राह्मण समाज से मिथिलेश राय, सिंधी समाज से किशोर तनवानी, खत्री ब्राह्मण समाज से हेमंत कपूर, कायस्थ समाज के अध्यक्ष प्रलय श्रीवास्तव, कायस्थ महासभा से महेंद्र श्रीवास्तव एवं सुनील श्रीवास्तव, मध्य प्रदेश राजपूत समाज से विनय भदोरिया तथा करणी सेना परिवार से हुकुमपाल सिंह, चेतन सिंह राजपूत, अजीत सिंह एवं कृष्णा बुन्देला के नाम शामिल हैं।
UGC रोल बैक संघर्ष समिति, भोपाल ने कहा कि इन विषयों पर लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से अपनी मांगें रखी जाती रहेंगी।


