शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता समाप्त की जाए- जगदीश यादव
नीलम पार्क में प्रथम नियुक्ति से सेवा गणना और ई-अटेंडेंस खत्म करने की मांग की

भोपाल। मध्यप्रदेश के शिक्षकों की तीन प्रमुख मांगों को लेकर अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा मध्यप्रदेश ने आंदोलन को निर्णायक चरण में ले जाने का ऐलान किया है। मोर्चा 27 सितंबर से भोपाल के नीलम पार्क में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया। पहले दिन भोपाल और होशंगाबाद संभाग के शिक्षक धरना में शामिल हुए। मोर्चे का कहना है कि मांगों के ठोस निराकरण तक संघर्ष जारी रहेगा।
मोर्चा संयोजक एवं राज्य शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश यादव ने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं को लेकर शासन-प्रशासन के प्रतिनिधियों से कई बार चर्चा और संवाद हो चुका है, लेकिन अभी तक ठोस निर्णय सामने नहीं आया है। ऐसे में संयुक्त मोर्चा अब चरणबद्ध तरीके से आंदोलन को आगे बढ़ाएगा।
तीन मांगों को लेकर निर्णायक संघर्ष
संयुक्त मोर्चे की प्रमुख मांगें हैं—
◆ TET की अनिवार्यता समाप्त की जाए
लंबे समय से सेवाएं दे रहे शिक्षकों को TET की अनिवार्यता से मुक्त करने की मांग की जा रही है। मोर्चे की मांग है कि मध्यप्रदेश विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर प्रस्ताव पारित किया जाए तथा केंद्र सरकार को भेजा जाए।
◆ प्रथम नियुक्ति से सेवा अवधि की गणना हो
शिक्षकों की प्रथम नियुक्ति की तारीख से सेवा अवधि एवं वरिष्ठता की गणना की जाए, ताकि ग्रेच्युटी, अवकाश नकदीकरण, पेंशन सहित अन्य सेवानिवृत्ति लाभों में वास्तविक सेवा अवधि का लाभ मिल सके।
◆ ई-अटेंडेंस व्यवस्था स्वैच्छिक की जाए
मोर्चे ने शिक्षकों के लिए लागू ई-अटेंडेंस व्यवस्था को स्वैच्छिक करने की मांग की है। मोर्चे का कहना है कि शिक्षकों के विभागीय एवं अन्य शासकीय दायित्वों को देखते हुए व्यवस्था में व्यावहारिक कठिनाइयां सामने आ रही हैं।
“शिक्षकों की आवाज अब भोपाल से उठेगी” — जगदीश यादव
जगदीश यादव ने कहा कि संयुक्त मोर्चा शिक्षकों की लंबित समस्याओं के समाधान के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष कर रहा है। प्रदेश के विभिन्न संभागों से शिक्षक आंदोलन में शामिल होंगे तथा आगामी कार्यक्रमों के माध्यम से सरकार तक अपनी मांगें मजबूती से पहुंचाई जाएंगी।
उन्होंने कहा कि शिक्षक वर्षों से अपनी सेवा संबंधी मांगों के समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं। ज्ञापन, संवाद और चर्चा के बाद भी ठोस निर्णय नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को आगे बढ़ाना शिक्षकों की मजबूरी है।
संयुक्त मोर्चा के सभी पदाधिकारी एकजुट
आंदोलन को सफल बनाने के लिए मोर्चा के संयोजक श्री राकेश दुबे, मनोहर दुबे, परमानंद डेहरिया, राकेश नायक, डी.के. सिंगौर, राकेश पटेल सहित समस्त शिक्षक संगठन के पदाधिकारी प्रदेशभर के शिक्षकों से आंदोलन में सक्रिय सहभागिता की अपील कर रहे हैं।



