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शब्दोत्सव’ काव्यगोष्ठी में गूंजे साहित्य के स्वर: विदिशा में साहित्यकारों ने नागेंद्र लोधी को दी जन्मदिन की आत्मीय शुभकामनाएं

मातृभूमि युवा परिषद के आयोजन में विदिशा के वरिष्ठ एवं युवा साहित्यकारों ने किया प्रभावशाली काव्यपाठ; सुमित सिंह के सफल संचालन ने बांधा समां

​विदिशा / मातृभूमि युवा परिषद के तत्वावधान में गत 25 अक्टूबर को भाजपा युवा नेता नागेंद्र लोधी के जन्मदिन के अवसर पर उत्सव गार्डन, विदिशा में भव्य ‘शब्दोत्सव’ काव्यगोष्ठी का आयोजन किया गया। साहित्य और काव्य को समर्पित इस गरिमामयी आयोजन में विदिशा शहर के वरिष्ठ एवं युवा साहित्यकारों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से साहित्य, मानवीय संवेदनाओं और जीवन के विभिन्न पहलुओं को अत्यंत खूबसूरती से अभिव्यक्त किया, जिससे पूरा वातावरण साहित्यिक आत्मीयता से सराबोर हो उठा।
​कार्यक्रम की शुरुआत नागेंद्र लोधी द्वारा उपस्थित सभी कवियों और साहित्यकारों के आत्मीय स्वागत के साथ हुई। इस अवसर पर सभी रचनाकारों ने उन्हें जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके स्वस्थ, सुखी और उज्ज्वल जीवन की कामना की। साथ ही, साहित्य के प्रति नागेंद्र लोधी के गहरे लगाव और समर्पण की भी मुक्तकंठ से सराहना की गई। वे विगत दस वर्षों से अधिक समय से साहित्य की सेवा में सक्रिय हैं और निरंतर संवाद एवं साहित्यिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करते आ रहे हैं।

​वरिष्ठ साहित्यकारों की गरिमामयी उपस्थिति

काव्यगोष्ठी में विदिशा के प्रतिष्ठित साहित्यकारों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। मंच पर वरिष्ठ साहित्यकार एवं इतिहासकार गोविंद देवलिया, देश के प्रख्यात शायर व ग़ज़लकार निसार मालवीय, सुरेंद्र श्रीवास्तव, शीलचंद पालीवाल, गोवर्धन राजौरिया, राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अखिल भारतीय स्वर्णकार महासभा लायन अरुण कुमार सोनी, संतोष सागर, सोबरन सिंह और नागेंद्र लोधी आसीन रहे। इनके साथ ही उदय ढोली, संजय चतुर्वेदी, शाहिद अली शाहिद, कोमल सिंह कोमल, नजीर नूरी एवं कैलाश सतवैया सहित अन्य गणमान्य साहित्यकार भी कार्यक्रम में शामिल हुए। लायन अरुण कुमार सोनी द्वारा नागेंद्र लोधी को जन्म दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जिस प्रकार राधाकृष्णन पूर्व राष्ट्रपति डॉ राधाकृष्णन ने अपना जन्म दिवस शिक्षकों को भेंट किया था उसी तरह आज आपने अपना जन्मदिन कवियों को समर्पित करते हुए मनाया। आप असीम प्रशंसा के पात्र है।

​युवा रचनाकारों की ऊर्जावान प्रस्तुतियां

कार्यक्रम में युवा रचनाकारों ने भी बढ़-चढ़कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और अपनी कविताओं से समां बांध दिया। अभिनव सोनी, शिखा रघुवंशी, अंकित राज, निकिता पाल, अनुज भार्गव, अभिषेक भार्गव, सतेंद्र सत्यज, सौरभ सोलंकी, सौरभ यादव, सुमित सिंह, प्रियम आर्य एवं अदिति आचार्य ने अपनी कविताओं का पाठ किया। युवा कवियों की इन रचनाओं ने आयोजन में एक नई ऊर्जा और साहित्यिक उत्साह का संचार किया। वरिष्ठ एवं युवा साहित्यकारों की एक साथ उपस्थिति ने इस काव्यगोष्ठी को पीढ़ियों के बीच एक सुंदर साहित्यिक संवाद का अनूठा मंच प्रदान किया।

​काव्यपाठ और संचालन

काव्यपाठ के दौरान कवियों ने विविध भावों और विचारों को मंच पर उतारा। साहित्य के प्रति अनुराग, सामाजिक सरोकारों और संवेदनाओं से जुड़ी रचनाओं ने उपस्थित श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का बेहद कुशल, सहज और प्रवाहमयी संचालन सुमित सिंह द्वारा किया गया। उन्होंने पूरी व्यवस्था को सुव्यवस्थित रखते हुए सभी कवियों को ससम्मान आमंत्रित किया, जिससे कार्यक्रम की गरिमा और प्रवाह अंत तक बना रहा।
​नागेंद्र लोधी का साहित्य के प्रति समर्पण इस आयोजन का एक विशेष आकर्षण रहा। उनके जन्मदिन पर आयोजित इस साहित्यिक संध्या ने काव्य, सम्मान और आत्मीयता के सुंदर संगम की मिसाल पेश की। ‘शब्दोत्सव’ काव्यगोष्ठी ने विदिशा की समृद्ध साहित्यिक परंपरा को और अधिक सशक्त बनाते हुए वरिष्ठ एवं युवा रचनाकारों को एक ऐसा साझा मंच दिया, जो समाज में कविता, विचार और संस्कृति को निरंतर समृद्ध कर रहा है।

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