इंदौर का आर्थिक रोडमैप जारी, प्रथम चरण में शामिल भोपाल का रोडमैप कब आएगा : क्रेडाई
लगातार दूसरा अर्बन ग्रोथ कॉन्क्लेव इंदौर में; राजधानी सहित प्रदेश के अन्य बड़े शहरों को भी मिले प्राथमिकता और प्रभावी भागीदारी
इंदौर में बुधवार को आयोजित अर्बन ग्रोथ कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा इंदौर आर्थिक क्षेत्र–2047 की रिपोर्ट जारी किए जाने का क्रेडाई भोपाल ने स्वागत किया है। साथ ही सवाल उठाया है कि जब मध्यप्रदेश शासन ने अक्टूबर 2025 में भोपाल और इंदौर दोनों आर्थिक क्षेत्रों को ग्रोथ-हब पहल के प्रथम चरण में रखा था, तो राजधानी भोपाल की आर्थिक विकास रिपोर्ट और उसका क्रियान्वयन कार्यक्रम अब तक सार्वजनिक क्यों नहीं हुआ?
राज्य सरकार और नीति आयोग की संयुक्त पहल में इंदौर के 8 जिलों तथा भोपाल के 6 जिलों की आर्थिक प्रोफाइल, प्राथमिक परियोजनाएँ और विस्तृत रोडमैप बनाने का निर्णय हुआ था। उस समय अगले वित्त वर्ष के प्रारंभ तक आर्थिक मास्टर प्लान तैयार करने का लक्ष्य भी बताया गया था। अब इंदौर की रिपोर्ट सामने आने के बाद भोपाल में अध्ययन की प्रगति, उसके आर्थिक लक्ष्य और संभावित परियोजनाओं की स्थिति स्पष्ट होना आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने आज भोपाल, इंदौर और उज्जैन को महानगरीय शहरों के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य जारी होने की बात भी कही है। क्रेडाई भोपाल का मानना है कि इस सकारात्मक घोषणा के साथ राजधानी के लिए आर्थिक विकास, क्षेत्रीय परिवहन, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं का समयबद्ध कार्यक्रम सामने आना चाहिए।
क्रेडाई भोपाल के अध्यक्ष मनोज सिंह मीक के नेतृत्व में ‘कमाल का भोपाल’ अभियान वर्षों से राजधानी के समग्र विकास के लिए रिसर्च और दस्तावेजी पहल करता रहा है। इसी क्रम में 12 अक्टूबर को भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन का 154-पृष्ठीय प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया था। इसमें नॉलेज और टेक आधारित उद्योग, स्वास्थ्य, पर्यटन, आवास, औद्योगिक उत्पादन, एयर-कार्गो तथा रेल-सड़क लॉजिस्टिक्स को जोड़ने के व्यावहारिक सुझाव शामिल हैं।
पिछला अर्बन ग्रोथ कॉन्क्लेव भी जुलाई 2025 में इंदौर में आयोजित हुआ था। इस बार भी इंदौर के अतिरिक्त अन्य बड़े शहरों के क्रेडाई अध्यायों की संस्थागत भागीदारी नहीं रही। प्रदेशव्यापी शहरी विकास में भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर और अन्य शहरों के विकास की प्रभावी भागीदारी आवश्यक है। यह पूरे प्रदेश में विकास के अवसरों के संतुलित विस्तार का प्रश्न है।
मनोज मीक ने कहा भोपाल केवल मध्यप्रदेश का एक बड़ा शहर नहीं, बल्कि पूरे राज्य की साझा राजधानी और पहचान है। इसलिए इसका विकास केवल आवासीय विस्तार तक सीमित नहीं रहना चाहिए। राजधानी के आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों, शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थानों, विमानतल और रेल नेटवर्क को जोड़कर रोजगार तथा निवेश बढ़ाने की समग्र रणनीति बनाई जानी चाहिए।
क्रेडाई भोपाल ने शासन से माँग की है कि शीघ्र भोपाल आर्थिक क्षेत्र के अध्ययन की वर्तमान स्थिति सार्वजनिक की जाए और प्राथमिक परियोजनाओं, जिम्मेदार एजेंसियों, वित्तीय व्यवस्था तथा क्रियान्वयन का स्पष्ट कार्यक्रम निर्धारित किया जाए। अन्य प्रमुख शहरों के लिए भी ऐसी प्रक्रिया शुरू हो तथा भविष्य के राज्यस्तरीय शहरी विकास आयोजनों में व्यापक क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हो।
मीक का कहना है कि इंदौर का विकास मध्यप्रदेश के लिए महत्वपूर्ण है। लेकिन विकसित मध्यप्रदेश का लक्ष्य तभी व्यापक रूप से पूरा होगा, जब उसकी राजधानी और अन्य प्रमुख शहर भी अपनी विशिष्ट क्षमताओं के अनुरूप आगे बढ़ेंगे।



