भोपाल की खूबियों से समृद्धि की नई राह, डेला का ₹2,250 करोड़ विकास मूल्य वाला प्रस्ताव बड़ा पड़ाव: मनोज मीक
कमाल का भोपाल’ ने किया स्वागत, विश्वस्तरीय पर्यटन और वेलनेस से राजधानी की पहचान को मिलेगी मजबूती
‘कमाल का भोपाल’ अभियान द्वारा स्थापित राजधानी की विशिष्टताओं को विश्वस्तरीय पर्यटन तथा निवेश आधार बनाने की डेला समूह की पहल से नई ऊर्जा मिली है। अभियान के फाउंडर एवं क्रेडाई भोपाल के अध्यक्ष मनोज मीक ने इसका स्वागत करते हुए कहा कि यह भोपाल की विशिष्टताओं को आर्थिक अवसरों में बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण पड़ाव है।
मीक ने कहा, “हमारे सतत प्रयासों से भोपाल की जिन संभावनाओं को सार्वजनिक विमर्श में स्थान मिला है, डेला की यह पहल उन्हें जमीन पर साकार होते देखने की उम्मीद जगाती है। हमारा निरंतर आग्रह रहा है कि राजधानी की खूबियाँ केवल प्रशंसा का विषय न रहें, वे निवेश, रोजगार और नागरिक समृद्धि का आधार बनें।”
डेला समूह के जिमी मिस्त्री ने मध्यप्रदेश अर्बन ग्रोथ कॉनक्लेव में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर राज्य में बड़े निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की। प्रस्तावित ‘डेला रेसकोर्स भोपाल’ का कुल विकास मूल्य ₹2,250 करोड़ है। इसकी परिकल्पना में 220 एकड़ में 930 विला, 128 ब्रांडेड आवास, 300 से अधिक कमरों वाला पाँच सितारा वन्यजीव पर्यटन रिसॉर्ट तथा घुड़सवारी और पोलो की सुविधाएँ शामिल हैं।
भोपाल के निकट ‘डेला रातापानी रिजर्व टाउनशिप’ को आधुनिक जीवनशैली, स्वास्थ्य और सतत विकास से जुड़े नवाचारों की प्रयोगशाला बनाने की योजना है। इसमें विशेषज्ञ संस्थाओं के सहयोग से मास्टर प्लानिंग, आवागमन, स्वास्थ्य, वेलनेस और अनुभव-आधारित आतिथ्य की संभावनाओं पर कार्य किया जाएगा।
मीक ने कहा कि विश्वस्तरीय सुविधाएँ पर्यटकों को भोपाल और आसपास अधिक दिनों तक ठहरने के नए कारण दे सकती हैं। इसका लाभ स्थानीय युवाओं, पर्यटन सेवाओं, परिवहन, खानपान, हस्तशिल्प और छोटे उद्यमों तक पहुँच सकता है। प्रकृति एवं जल-संपदा के संरक्षण के साथ स्थानीय लोगों की आर्थिक भागीदारी इस विकास को स्थायी सफलता देगी।
उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, नगरीय विकास विभाग और जिमी मिस्त्री की पहल की सराहना करते हुए कहा, “भोपाल की विशिष्टताओं को पहचान मिले और उस पहचान से लोगों की समृद्धि बढ़े, यही ‘कमाल का भोपाल’ का संकल्प है।”

