धर्म संस्कृति से सकल समाज को जोड़ने का अभिनव प्रयास है ‘राम का आधार–रामायण बालमंच’
42 बाल प्रतिभागियों ने दी गायन, वादन एवं नृत्य की शानदार प्रस्तुतियां

भोपाल। श्री भृगु भार्गव ब्राह्मण समाज मप्र 1966 द्वारा प्रथम बार आयोजित अनूठा धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन ‘राम का आधार–रामायण बालमंच : सुर, संगीत और संस्कार का संगम’ श्री परशुराम मंदिर, शिवाजी नगर, भोपाल में श्रद्धा, उत्साह एवं भव्यता के साथ संपन्न हुआ। आयोजन में 42 बाल प्रतिभागियों ने सनातन धर्म पर आधारित भजनों पर गायन, वादन एवं नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम में जगद्गुरु रामानुजाचार्य महाराज श्री रविन्द्राचार्य जी, बंगलामुखी धाम, महामंडलेश्वर, संत-महंत, भगवताचार्य, ज्योतिषाचार्य एवं कथाकारों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम में विशेष रूप से मध्यप्रदेश शासन के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला, भोपाल सांसद आलोक शर्मा , कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त मप्र शासन परशुराम कल्याण बोर्ड के विष्णु राजोरिया , विधायक भगवानदास सबनानी , राज्यमंत्री दर्जा सुनील पांडे , पूर्व राज्यमंत्री दर्जा रमेश शर्मा , कैलाश मिश्रा एवं राकेश चतुर्वेदी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री सहित सांसद एवं विधायकगण ने मंच से अपने विचार व्यक्त करते हुए डॉ. अनिल भार्गव (वायु) द्वारा धर्म, संस्कृति एवं सनातन परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों को अपनी धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के साथ समाज को एक सूत्र में पिरोने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं। अतिथियों ने इस अभिनव पहल को नई पीढ़ी में संस्कार, भक्ति एवं सांस्कृतिक चेतना जागृत करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास बताया।
विशिष्ट अतिथियों ने बच्चों को सनातन संस्कृति की जड़ों से जुड़े रहने की दी प्रेरणा
कार्यक्रम में मध्यप्रदेश शासन की ज्वाइंट कमिश्नर श्रीमती सुधा संजीव भार्गव एवं वरिष्ठ समाजसेवी, अधिवक्ता, पत्रकार एवं नेत्री रश्मि दीदी विशेष रूप से उपस्थित रहीं। दोनों विशिष्ट अतिथियों ने बाल प्रतिभागियों एवं उपस्थित बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं एवं संस्कारों की जड़ों से सदैव जुड़े रहने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि आधुनिक शिक्षा एवं तकनीक के साथ बच्चों के जीवन में धर्म, संस्कृति, संस्कार और नैतिक मूल्यों का समावेश भी अत्यंत आवश्यक है। बच्चों को अपनी सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करते हुए उसे आगे बढ़ाने का संकल्प लेना चाहिए।
अभिभावक परिवारों को विशेष धार्मिक उपहार भेंट कर किया सम्मानित
आयोजन की एक विशेष पहल के अंतर्गत प्रतियोगिता में शामिल बच्चों के अभिभावकों एवं परिवारों को गोल्डन फॉयल में निर्मित मां सरस्वती, मां लक्ष्मी एवं भगवान गणेश जी का सुंदर चित्र तथा पीतल का दीपक भेंट किया गया। इस पहल का उद्देश्य परिवारों में धार्मिक आस्था, सनातन संस्कार एवं भारतीय संस्कृति के प्रति श्रद्धा को प्रोत्साहित करना रहा। इस अनूठी पहल की सकल समाज एवं सनातन धर्मप्रेमियों ने भूरी-भूरी प्रशंसा की।
नागेश पांडे का जन्मदिन विशेष आकर्षण रहा
कार्यक्रम के दौरान शिक्षक संघ के भोपाल जिला अध्यक्ष नागेश पांडे का जन्मदिन भी उपमुख्यमंत्री, सांसद एवं विधायक की उपस्थिति में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। उपस्थित अतिथियों एवं समाजजनों ने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं एवं बधाइयां दीं।
आयोजन में गणमान्य महानुभावों की सहभागिता
कार्यक्रम में पुष्पेंद्र मिश्रा, उत्कर्ष मिश्रा, राजेश पाठक, जितेंद्र सिंह, राजकुमार चंदेल, जितेंद्र शाक्य, प्रेम गुरु, श्रीकांत शर्मा, विपिन भार्गव, अमित भार्गव, देवकी नंदन व्यास एवं तुलसीराम शर्मा सहित अनेक गणमान्य महानुभाव, समाजसेवी एवं धर्मप्रेमी नागरिक सम्मिलित रहे।
आयोजन को सफल बनाने में प्रेम गुरु, रामकुमार भार्गव, बच्चन आचार्य, विपिन भार्गव, मुकेश भार्गव, नीता पाठक, दीप्ति भार्गव, सुनीता दुबे, सतीश दुबे, अयन भार्गव, हिमांशु दुबे, मुस्कान दुबे, आर्ना भार्गव, दीप्ति सौरभ दुबे, जयमाला दुबे, पूनम मिश्रा एवं चंद्रशेखर तिवारी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रतिभा निर्णायक विशेषज्ञों की अहम भूमिका
प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों का मूल्यांकन करने एवं उनकी प्रतिभा को परखने में निर्णायक विशेषज्ञ सीमा शर्मा, रेनू चौबे एवं ज्योति गुरु ने अहम भूमिका निभाई।
कार्यक्रम का सफल मंच संचालन स्वाति अमित चतुर्वेदी ने किया तथा कार्यक्रम संयोजिका स्वाति अनिल भार्गव रहीं।
तीन बंपर पुरस्कारों की घोषणा
डा. अनिल भार्गव (वायु) ने बताया कि ‘राम का आधार–रामायण बालमंच’ में शामिल कुल 42 प्रतिभागियों में से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों का चयन कर तीन बंपर पुरस्कार भेंट किए जाएंगे। इन पुरस्कारों की घोषणा एवं वितरण आगामी विशेष आयोजन में किया जाएगा।
41वें सुंदरकांड में पौधों एवं धार्मिक सामग्री का वितरण
उन्होंने आगे बताया कि ‘एक शाम छींद वाले दादाजी के नाम’ संगीतमय सुंदरकांड श्रृंखला का 41वां आयोजन दिनांक 14 नवंबर 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर उपस्थित धर्मप्रेमियों को धार्मिक सामग्री वितरित की जाएगी। साथ ही पर्यावरण संरक्षण एवं हरियाली का संदेश देते हुए तुलसी के गमले सहित पौधे चुनरी ओढ़ाकर श्रद्धा एवं सम्मानपूर्वक भेंट किए जाएंगे।
धर्म एवं संस्कृति से समाज को जोड़ने का निरंतर अभियान
आयोजन के सूत्रधार एवं समाज के प्रदेश महासचिव डा. अनिल भार्गव (वायु) ने बताया कि धर्म और संस्कृति के माध्यम से सकल समाज को एक सूत्र में जोड़ने का प्रयास निरंतर किया जा रहा है। इसी उद्देश्य से प्रत्येक माह अद्वितीय धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि ‘एक शाम छींद वाले दादाजी के नाम’ संगीतमय सुंदरकांड आयोजन के माध्यम से हजारों श्रद्धालुओं को जोड़ा जा चुका है। इस आयोजन में जन्मदिन एवं वैवाहिक वर्षगांठ पर समाजजनों का सम्मान किया जाता है तथा श्रीरामचरितमानस एवं श्री शिव महापुराण अर्थ सहित श्रद्धालुओं को भेंट किए जाते हैं।
‘राम का आधार–रामायण बालमंच’ इसी धार्मिक एवं सांस्कृतिक अभियान की महत्वपूर्ण कड़ी है। इसका उद्देश्य बच्चों की प्रतिभा को मंच प्रदान करने के साथ उन्हें रामायण, भक्ति, सनातन संस्कृति एवं भारतीय संस्कारों से जोड़ना है।
डा. अनिल भार्गव (वायु) ने सभी अतिथियों, जनप्रतिनिधियों, संत-महात्माओं, निर्णायकों, प्रतिभागी बच्चों, अभिभावकों, समाजजनों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।





