*शिष्य के लिए गुरु का सानिध्य असाधारण होता है- डॉ नारंग*


गुरु पूर्णिमा गुरु शिष्य परंपरा को स्मरण करने का उत्सव – शुभम
शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय में गुरु पूर्णिमा उत्सव का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि जन भागीदारी समिति के अध्यक्ष डॉ.अजय नारंग सहित पूर्व प्राचार्य डॉ.डीपी सिंह , प्राचार्य डॉ. प्रवीण तामोट, संयोजक डॉ सुधीर कुमार शर्मा एवं डॉ. राजेश अग्रवाल ने दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम को शुभारंभ किया। मुख्य अतिथि डॉ.अजय नारंग ने कहा कि हमारे यहाँ गुरु शिष्य परंपरा के अनेक उदाहरण मिलते हैं, गुरुओं का गुरुत्व उनके शिष्यों में भी आना चाहिए। गुरु व्यावहारिक ज्ञान के साथ ही हमें जीवन का बोध भी कराते हैं। इस अवसर पर गुरु शिष्य परंपरा विषय पर शुभम चौहान ने संबोधित करते हुए कहा कि गुरु पूर्णिमा गुरु परंपरा को स्मरण करने का दिन है, गुरु शिष्य परंपरा में आचार्य शंकर हमारे आदर्श हैं। गुरु का सानिध्य शिष्य को साधारण से असाधारण बना देता है। इस अवसर पर महाविद्यालय की पूर्व प्राचार्य डॉ. डी.पी सिंह का सम्मान किया गया एवं उन्होंने भी अपने संबोधन में गुरुओं की महत्ता पर प्रकाश डाला।
*अवध में राम आए हैं, गुरु बिन ज्ञान नहीं …गीत पर छात्राओं ने दी प्रस्तुति*
महाविद्यालय के नृत्य विभाग की छात्राओं ने गुरु शिष्य परंपरा पर केंद्रित नृत्य की प्रस्तुति के साथ ही अवध में राम आए हैं ,गीत पर प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का संचालन डॉ.रोली शुक्ला, स्वागत वक्तव्य डॉ.अनीता दुबे एवं आभार डॉ राजेश अग्रवाल ने किया।
इंदौर में आयोजित गुरु पूर्णिमा कार्यक्रम के आभासी प्रसारण की व्यवस्था भी महाविद्यालय में की गई। इस कार्यक्रम में माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी संबोधित किया।

