गुरु पूर्णिमा पर शिष्यों को दिवस के अनुसार बताई शिवपूजा विधि:पं०सुशील

गुरु पूर्णिमा पर शिष्यों को दिवस के अनुसार बताई शिवपूजा विधि:पं०सुशील
(श्राबंण मास में दिन के अनुसार करें शिव पूजा)
श्री शिव शक्ति धाम सिद्धाश्रम के पीठाचार्य पं०सुशील महाराज ने जानकारी देते हुए वताया है कि श्राबंण मास में दिवस के अनुसार इस प्रकार से भोले शिव की पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।
सोमवार-सात सेर चावलअ्खण्डित खंण्डित की आशंका पर आठ सेर चावल बोरी थैला या किसी पात्र में भरकर भोले शिव की मूर्ति के सामने अर्पण करें।फिर दूध जल शहद गन्ने का रस स्नान आदि के बाद उस थैले से चाबल अंजुली में भरकर जलहरी में चारो तरफ चढा दें।फिर एक अंजुली
चावल भरकर शिवलिंग पर तथा एक अंजुली चावल नंदी पर चढा देवें।शेष बचा हुआ चावल भण्डारा में खीर वनाकर शिव भक्तों को खीर वनाकर खिलाना है।इसके वाद सफेद रंग के फूल एवं बील पत्र जलहरी में चारो तरफ चढा देंवे।गीली धूप जला देवें 12 दीपक जलहरी के चारो तरफ चढाकर रख देवें।फिर हाथ जोड़कर एक माला
ऊं नमः शिवाय का जाप करें । फिर श्री शिवाय नमस्तुभ्यं जपकर स्तुति करें ।
नोट:–बिशेष लाभ चाहने वाले भक्त बील बृक्ष(बेलुआ)की जड को शिवलिंग मानकर उपरोक्त बिधि से बिधिवत शिवलिंग की भांति भोले शिव की पूजा करें।इससे शीर्घ लाभ की प्राप्ति होती है।
मंगलवार – को चावल के स्थान पर गेहूं का उपयोग करें।पुष्प लाल रंग के एवं बीलपत्र चढायें।शेष सामग्री उपरोक्तानुसार ही रहेगी।प्रक्रिया उपरोक्तानुसार ही रहेगी।बुधवार -को गेंहू के स्थान पर हरी खडी मूंग का उपयोग किया जायेगा । शेष सामग्री उपरोक्तानुसार ही प्रिक्रिया रहेगी।पुष्प सफेद एवं गुलाब के चढायें।बीलपत्र भी चढायें।गुरुवार को खडी अरहर अथवा चने का उपयोग किया जायेगा।शेष सामग्री एवं प्रिक्रियाउपरोक्तानुसार ही रहेगी।बीलपत्र भी चढायें ।तथा पीले रंग के फूल चढायें।शुक्रवार- को सफेद तिल का उपयोग करें।शेष सामग्री एवं प्रक्रिया उपरोक्तानुसार ही रहेगी।बीलपत्र भी चढायें ।सफेद फूल चढायें शनिवार -को काले तिल का उपयोग करेंगे।शेष सामग्री एवं प्रक्रिया उपरोक्तानुसार ही रहेगी। नीले रंग के व सफेद फूल चढायें ।रविवार -को पुनः गेंहू का उपयोग करना है ।शेष प्रक्रिया उपरोक्तानुसार ही रहेगी।लाल फूल चढायें।
(पं०सुशील महाराज)
पीठाचार्य श्री शिव शक्ति धाम सिद्धाश्रम निपानिया जाट

