परमसद्गुरु परमात्मा शिव का द्वार गति सद्गति का द्वार : बी.के. डॉ. रीना*
गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर ब्लेसिंग हाउस सेवाकेंद्र में आध्यात्मिक जागरूकता शिविर का हुआ आयोजन*


*परमसद्गुरु परमात्मा शिव का द्वार गति सद्गति का द्वार : बी.के. डॉ. रीना*
ब्रह्माकुमारीज संस्थान ब्लेसिंग हाउस में गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर सैकड़ों ब्रह्मावत्सों ने संगठन में किया राजयोग मेडिटेशन ।
*ब्लेसिंग हाउस, सहस्त्रबाहु नगर, भोपाल।*
*21/07/2024*
गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर ब्लेसिंग हाउस सेवाकेंद्र में आध्यात्मिक जागरूकता शिविर का भव्य आयोजन किया गया। जहां पर सुबह से ही परमात्मा शिव के भक्तों की कतार लगी रही।
इस अवसर पर सेवाकेन्द्र प्रभारी बीके डॉ. रीना दीदी ने बताया कि परमात्मा शिव को ब्रह्माकुमारीज संस्थान में परमसदगुरु के रूप में माना जाता है। और परमात्मा शिवजी की श्रीमत पर चलकर सम्पूर्ण संसार को स्वर्णिम संसार में परिवर्तन करने का कार्य किया जा रहा है।
बी.के. डॉ. रीना दीदी ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर हम ब्रह्मावत्सो के द्वारा सच्ची-सच्ची दक्षिणा यही रहेगी की हम अपने जीवन की सभी बुराइयों को और वह हर एक विचार जो हमारे जीवन में दुख को निमंत्रण देता है इन सभी नकारात्मक विचारों को हम परम सद्गुरु परमात्मा शिव को देने की प्रतिज्ञा करें और इस प्रतिज्ञा को आजीवन निभाने का दृढ़ संकल्प भी करें, जिससे हमारा जीवन निरंतर सदाकाल के लिए खुशहाल एवं तनाव मुक्त बना रहे। दीदी ने कहा की हमारे जीवन में गुरु का बहुत विशेष योगदान है। जीवन में परमात्मा शिव परमसतगुरु की श्रीमत, निर्देश के बिना किसी सफलता को हासिल करना नामुमकिन है।
संस्थान के वरिष्ठ भ्राता बीके डॉ. रावेंद्र भाई ने गुरु पूर्णिमा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि परमात्मा शिव परमसतगुरु के सत्य ज्ञान से जीवन से बुराइयों को दूर करने के निर्देश देकर हमारे जीवन को नैतिक मूल्यों से भरपूर करते हैं।
इसलिए संसार के सभी लोगों को अपने अपने गुरु प्रति आदर भाव एवं सम्मान के साथ रहना चाहिए। हरेक मानव को अपने गुरु के बताए मार्ग पर चल कर प्रेम, शान्ति और सदभावना से जीवन जीना चाहिए। जिससे गुरु को अपने शिष्य पर गर्व हो सके। इस प्रकार से बच्चों को भी अपने माता पिता एवं गुरुजनो का सम्मान करना चाहिए।
कुमारी श्री एवं कुमारी आराधना ने बड़े ही भावना से भरपूर परम सद्गुरु परमात्मा शिव के गीत में मनमोहक नृत्य करके सैकड़ों की संख्या में उपस्थित जनसमूह को स्नेह और प्यार में बांध दिया।

