94000 सरकारी स्कूलों को बंद होने से बचाने के आंदोलन में शामिल छात्र कार्यकर्ताओ पर गुना में एकतरफा झूठी एफआईआर दर्ज करने के खिलाफ भोपाल में छात्रों ने सौंपा गवर्नर के नाम ज्ञापन


भोपाल।आज छात्र संगठन एआईडीएसओ के नेतृत्व में छात्र-छात्राओं ने गुना में छात्र कार्यकर्ताओं पर दर्ज एफआईआर के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। संगठन की भोपाल जिला संयोजक सोनम शर्मा ने कहा कि मध्य प्रदेश के 94000 सरकारी स्कूलों को बंद करने व महिलाओं-बच्चियों पर बढ़ रहे अपराधों के खिलाफ़ सहित अन्य मांगों को लेकर प्रदेश के तमाम जिलों में छात्र संगठन एआईडीएसओ के नेतृत्व में विद्यार्थी समुदाय आंदोलन चला रहा है। इसी क्रम में गुना में भी यह आंदोलन विद्यार्थियों की भागीदारी के साथ लगातार तीव्र होता जा रहा है। जिससे घबराकर सत्ता का सरंक्षण प्राप्त छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े गुंडा तत्वों द्वारा साजिश करते हुए आंदोलन में शामिल छात्रों को निशाना बनाया जा रहा है। आंदोलन से जुड़े छात्रों पर लगातार हमले किए जा रहे हैं, उन्हें जान से मारने की धमकियां दी जा रही है, उनका पीछा कर उनके साथ गाली-गलौच की जा रही है। पुलिस प्रशासन इन गुंडा तत्वों पर कार्यवाही करने की बजाय आंदोलनकारी छात्रों को ही प्रताड़ित कर रहा है। विगत दिनों आंदोलन में शामिल छात्रों पर झूठी एफआईआर दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया एवं उन छात्रों द्वारा जिन गुंडों की शिकायत पुलिस से करने की कोशिश की गई उसका ज्ञापन तक पुलिस प्रशासन ने नहीं लिया। इस तरह के कदम गुना पुलिस की भेदभावपूर्ण रवैया को उजागर करते हैं। 10 जनवरी को प्रधानमंत्री कॉलेज आफ एक्सीलेंस गुना में आंदोलन में शामिल छात्राओं पर विद्यार्थी परिषद से जुड़ी छात्राओं ने न सिर्फ हमला किया बल्कि मारपीट की कोशिश की। विद्यार्थी परिषद से जुड़ी ये छात्राएं खुले आम कहती हुई दिख रही है कि वह गुंडा है और आंदोलन में शामिल छात्राओं पर हमला कर रही है। लेकिन प्रशासन ने उन पर कोई कार्रवाई करने की जगह आंदोलन में सक्रिय दो छात्राओं पर ही एफआईआर दर्ज कर दी। जिससे इन पुलिस अफसरों की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं तमाम छात्र गुना पुलिस प्रशासन व इसके अफ़सरों पर अपनी विश्वसनीयता खोते जा रहे हैं। अतः हमारी मांग है की इन पुलिस अधिकारोयों का तत्काल निलंबन किया जाए एवं विद्यार्थी परिषद से जुड़े गुंडा तत्वों पर कार्रवाई की जाए, प्रदेश के 94000 सरकारी स्कूलों को बंद करने का निर्णय तुरंत वापस लिया जाए। इन्हीं मांगों के साथ आज पूरे प्रदेश भर में विरोध दिवस मनाया गया है।


