बजट में भाषा पुस्तक योजना स्कूलों और उच्च शिक्षा के छात्रों के लिए भारतीय भाषाओं में डिजिटल किताबें उपलब्ध कराना एक नया कदम


बजट 2025 पर संतोष चौबे की प्रतिक्रिया
“बजट 2025 भारत में उच्च शिक्षा और कौशल पारिस्थितिकी तंत्र के लिए एक प्रगतिशील दृष्टिकोण को प्रदर्शित करता है। इस बजट में एक महत्वपूर्ण पहल भारतीय भाषा पुस्तक योजना के रूप में पेश की गई है, जो स्कूलों और उच्च शिक्षा के छात्रों के लिए भारतीय भाषाओं में डिजिटल किताबें उपलब्ध कराने का एक नया कदम है। यह योजना क्षेत्रीय भाषाओं में अध्ययन सामग्री प्रदान करके सीखने को और अधिक सुलभ बनाएगी, और यह कदम सरकार के भाषाई विविधता को बढ़ावा देते हुए शिक्षा में प्रौद्योगिकी के एकीकरण के प्रयासों के अनुरूप है।
शिक्षा के लिए डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के विस्तार, पीएम कौशल विकास योजना 4.0 के लिए फंडिंग बढ़ाने और नए स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर स्थापित करने पर सरकार का जोर, अकादमिक शिक्षा और उद्योग की मांगों के बीच के अंतर को पाटने में एक परिवर्तनकारी भूमिका निभाएगा। इसके अतिरिक्त, बहु-विषयक अनुसंधान विश्वविद्यालयों की प्रस्तावित स्थापना और एआई, रोबोटिक्स, और हरित ऊर्जा जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों के लिए बढ़ाया गया सहयोग नवाचार और भविष्य के लिए तैयार कौशल को बढ़ावा देगा।
आईसेक्ट में हम इन पहलों का लाभ उठाकर एक मजबूत, समावेशी और गतिशील वर्कफोर्स तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो भारत की विकास गाथा को आगे बढ़ाएगा।”
श्री संतोष चौबे, सामाजिक उद्यमी और चेयरमैन, आईसेक्ट समूह

बजट 2025 पर डॉ पल्लवी राव चतुर्वेदी की प्रतिक्रिया
बजट 2025 महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने और उनकी आर्थिक भागीदारी तथा सामाजिक समानता को बढ़ाने के उद्देश्य से लक्षित उपायों के साथ एक महत्वपूर्ण कदम है। महिला सम्मान बचत प्रमाणपत्र, डीएवाई-एनआरएलएम के तहत स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) पहल का विस्तार, और समर्पित फंडिंग के माध्यम से महिलाओं के नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स को समर्थन देने जैसी योजनाओं के लिए बढ़े हुए आवंटन, जेंडर इन्क्लूसिव डेवलेपमेंट के प्रति सरकार की स्पष्ट प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
इसके अलावा वित्तीय समावेशन और महिलाओं के लिए तैयार किए गए कौशल विकास कार्यक्रमों पर जोर देने से आर्थिक स्वतंत्रता के नए रास्ते खुलेंगे।
खिलौना निर्माण को बढ़ावा देने के लिए घोषित योजनाएं ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को सहयोग प्रदान करेंगी। खिलौना विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र स्थापित करने और कुशल कार्यबल तैयार करने की सरकार की योजना निश्चित रूप से उत्साहजनक है। विशेष रूप से पहली बार 5 लाख महिला एससी/एसटी उद्यमियों को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करने का सरकार का निर्णय महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
आईसेक्ट में हमारा दृढ़ विश्वास है कि ये पहल केवल महिलाओं को सशक्त नहीं बनातीं, बल्कि सतत और समावेशी राष्ट्रीय विकास के लिए प्रेरणा के रूप में भी कार्य करती हैं।”
डॉ पल्लवी राव चतुर्वेदी, फाउंडर, गेट सेट पेरेंट विथ पल्लवी और एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट, आईसेक्ट समूह



