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आरंभ – विश्वरंग, मुंबई” : भारतीय भाषाओं और संस्कृतियों के संगम का अहम आयोजन 13–14 नवंबर को मुंबई विश्वविद्यालय में

विश्वरंग फाउंडेशन, रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय तथा मुंबई विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में होगा आयोजन

विश्वरंग – टैगोर अंतरराष्ट्रीय साहित्य एवं कला महोत्सव 2025 का पहला आयोजन मुंबई में “आरंभ – विश्वरंग, मुंबई” के रूप में आयोजित होने जा रहा है। यह दो दिवसीय राष्ट्रीय आयोजन 13 और 14 नवंबर 2025 को ग्रीन टेक्नॉलॉजी सभागार, मुंबई विश्वविद्यालय में आयोजित होगा, जिसका मुख्य उद्देश्य भारतीय भाषाओं के बीच परस्परता, साझा सांस्कृतिक आधार और समन्वय को मंच प्रदान करना है।

इस आयोजन का उद्घाटन माननीय महाराष्ट्र के राज्यपाल की अध्यक्षता में होगा। मुख्य अतिथि के रूप में माननीय डॉ. विनय सहस्रबुद्धे, तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री रवींद्र कुलकर्णी, कुलपति, मुंबई विश्वविद्यालय एवं वरिष्ठ साहित्यकार, विश्वरंग के निदेशक एवं रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय भोपाल के कुलाधिपति श्री संतोष चौबे उपस्थित रहेंगे। उद्घाटन सत्र में ‘विश्व में हिंदी रिपोर्ट’ तथा ‘विश्वरंग कैटलॉग’ का लोकार्पण भी किया जाएगा।

प्रमुख सत्र एवं विषय-विन्यास
पहले दिन ‘भारतीय भाषाओं में परस्परता और समन्वय’ विषय पर ए. अरविंदाक्षन, ओम थानवी, संतोष चौबे, चंद्रकांत भोंजाल, लक्ष्मण गायकवाड़ एवं डॉ. करुणा शंकर उपाध्याय विचार प्रस्तुत करेंगे। दूसरे सत्र में ‘नई सदी में हिंदी कहानी का परिदृश्य’ पर सूर्यबाला, धीरेंद्र अस्थाना, मनोज रूपड़ा, मुकेश वर्मा एवं ओमा शर्मा संवाद करेंगे।

शाम को बहुभाषी कविता पाठ के दो सत्रों का आयोजन होगा । वहीं शाम के सत्र में मुंबई विश्वविद्यालय की लोक कला अकादमी द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुति आयोजित होगी।

दूसरे दिन ‘भारतीय सिनेमा का भाषा और संस्कृति के विकास में योगदान’ विषय पर अजय ब्रह्मात्मज, रूमी जाफरी, पुरुषोत्तम अग्रवाल, अशोक मिश्र, अनंग देसाई, छाया गांगुली एवं सलीम आरिफ जैसे प्रमुख वक्ता विचार रखेंगे।

वहीं, ‘मायानगरी का रंग संसार’ सत्र में निर्देशक जयंत देशमुख, वामन केंद्र, प्रीता माथुर, अतुल तिवारी, अखिलेंद्र शामिल होंगे। इसके बाद ‘भारतीय भाषाओं में विज्ञान संचार’ विषयक सत्र का आयोजन होगा।

समापन सत्र का मुख्य केंद्र होगा धर्मवीर भारती पर शताब्दी विशेष चर्चा, जिसमें ‘गुनाहों का देवता’ के 186वें संस्करण का लोकार्पण भी किया जाएगा।
कार्यक्रम के संबंध में जानकारी देते हुए श्री संतोष चौबे ने कहा कि “आरंभ – विश्वरंग, मुंबई” का मूल उद्देश्य भारतीय भाषाओं को उनके साझा सांस्कृतिक स्रोत और परस्पर रिश्तों के साथ एक ही मंच पर प्रतिष्ठित करना है। यह आयोजन मुंबई की साहित्यिक एवं कलात्मक विरासत को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संवाद से जोड़ते हुए नई पीढ़ी को भाषा, साहित्य और सृजनधर्मी दृष्टि के प्रति सक्रिय रूप से जोड़ने का प्रयास है। उन्होंने आगे कहा कि “भारत में भाषा-संवाद केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक सह-अस्तित्व की पहली नींव है। इसीलिए ‘आरंभ – विश्वरंग, मुंबई’ भारत की बहुभाषी आत्मा को एक उत्सव के रूप में भी और एक गंभीर विचार-परंपरा के रूप में भी सामने लाता है। यह आयोजन विविध भाषाओं और संस्कृतियों के बीच संवाद, सहभाव और साझा स्मृति को पुनः सक्रिय करने का प्रयास है।”

 

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